Author: Admin

  • आँसू | Aansoo

    आँसू ! ( Aansoo )    हजारों रंग के होते हैं आँसू, जल्दी दफन कहाँ होते हैं आँसू। जंग तो हिला दी है सारे जहां को, खाते हैं गम औ बहाते हैं आँसू। ये रोने की कोई बीमारी नहीं, पलकों को तोड़कर बहते हैं आँसू। आँख का खजाना खत्म हो रहा, रोती जमीं है निकलते…

  • कड़वी बातें | Kadvi Baatein

    कड़वी बातें ( Kadvi baatein )    आधुनिकता की होड़ में अश्लील होते जा रहे हैं, यूँ लग रहा है अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं! शरीर की सौम्यता खूबसूरती है बदन ढंकने में नुमाइश की आड़ में देखो यह नग्न होते जा रहे हैं!-1 आधुनिकता की होड़ में अश्लील होते जा रहे हैं। ट्रेंडिंग…

  • मशाल | Mashaal

    मशाल ( Mashaal )   बढ़ रह सैलाब इधर तुम्हे अभी रहनुमा चाहिए उठा लो खड़ा हाथों मे तुम अब हमे निजी सुरक्षा चाहिए.. लगी आग जिन घरों मे देखो भीतर से खिंचती बेटियां देखो देखो न अब केवल रोटियां तुम गर्त मे गिरती पीढियां देखो… रसूख, न दौलत , न जात देखो हो रहे…

  • पिया तोहे जी भर देख लूं | Piya Tohe

    पिया तोहे जी भर देख लूं ( Piya tohe jee bhar dekh loon )   खुशियों के पल जीकर देख लूं, आ पिया तोहे जी भर देख लूं। श्रृंगार मेरा सब पिया है तुमसे, प्यार तेरा सनम पाकर देख लूं। चांद उतरा है आज जमीन पर, करवा चौथ मना कर देख लूं। प्रीतम सज रही…

  • श्रृंगार मेरा सब पिया से | Shringar Mera

    श्रृंगार मेरा सब पिया से ( Shringar mera sab piya se )    पांव में पायल कान में झुमके, कंगना बोल रहे जिया से। गौरी शरमाकर यूं बोली, श्रृंगार मेरा सब पिया से। नाक की नथली बाजूबंद, हार सज रहा है हिया पे। कमरबंद के घुंघरू बोले, श्रंगार मेरा सब पिया से। लाल लाल होठों…

  • मुलाकात तो होगी | Mulaqat to Hogi

    मुलाकात तो होगी ! ( Mulaqat to hogi )    ख्वाबों में ही हो चाहे,मुलाक़ात तो होगी, तूफ़ाँ कोई उठेगा बरसात तो होगी। अपने तसव्वुर में मुझको बसाये रखना, ये मशवरा है मेरा आँसू छुपाए रखना। दिल की है बात दिल में,शुरुआत तो होगी, ख्वाबों में ही हो चाहे, मुलाक़ात तो होगी, तूफ़ाँ कोई उठेगा…

  • मोर छत्तीसगढ़ महतारी | Mor Chhattisgarh Mahtari

    मोर छत्तीसगढ़ महतारी ( Mor Chhattisgarh Mahtari )    मोर छत्तीसगढ़ महतारी हावय सबले महान, एकर कोरा मा खेलय का लईका का सियान। हमर राज्य के सुख सम्पदा हा सबके मन ला भावय, एक बार जेन आगे ईहां नई फेर कभू छोड़के जावय। हमर छत्तीसगढ़िया भुईयां हा कहाथे धान के कटोरा, दुसर के मदद करे…

  • करवा चौथ पर कविता | Karwa Chauth Poem in Hindi

    करवा चौथ पर कविता ( Karwa Chauth par kavita ) ( 5 ) मिट्टी से बने बर्तन और चतुर्थी कृष्ण पक्ष कितना प्यारा, सुहागिन स्त्रियां खास विधान पूजा करती श्रृंगार न्यारा। करती श्रृंगार,चूड़ी,कंगन,बिंदिया,सिंदूर,मेहंदी हाथों पर, शतायु हो,खुशियां हों जीवन में,अमर रहे सुहाग हमारा।। चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती खुशियां मांगती जीवन में, कामना करती,गणेश जी…

  • आँधियाँ | Aandhiyan

    आँधियाँ ( Aandhiyan )   वक्त की आंधियां इस कदर छाई है, गिरे तो मुश्किल से संभल पाई है। ज़िन्दगी की इस तेज़ रफ़्तार ने तो कई घरों से छतें तक उड़ाई है। बेवजह हमसे कुछ चाहतें चुरा कर नामुमकिन सी ख्वाहिशेँ जगाई है। हसरतें दिल में रख भूलाना ही सही मुमकिन सफर की राह…

  • सिक्का | Sikka

    सिक्का ( Sikka  )   सिक्का उछालकर देखो कभी सिक्का थमाकर देखो समझ आ जायेगी जिंदगी कभी खुद को भी संभालकर तो देखो…. ये रौनक ,ये चांदनी ढल जायेगी उम्र की तरह दिन भी बदल जायेगा रात मे ही ढलती शाम की तरह…. पसीना बहाकर तो देखो गंध स्वेद की चखकर तो देखो कभी रोटी…