Author: Admin

  • मेरी बेटी | Meri Beti

    मेरी बेटी  ( Meri Beti )    देखो ना कितनी खामोश बैठी है आज मेरी बेटी, देखो ना कितना शांत है आज मेरी बेटी, देखो कैसे स्थिर सोई है आज मेरी बेटी, देखो ना एकबार फिर से दुल्हन के लिबास में सजी है मेरी बेटी, देखो ना कैसे बिना पापा को आवाज दिए, चुपचाप मेंहदी…

  • चंदा मामा दूर के | Chanda mama door ke

    देखो ना मां,आज मैं मामा से पहली बार मिला हूं,और जैसा तुमने कहा था मामा तो बिलकुल वैसे ही है, प्यारे प्यारे। जैसे ही मैं उनसे मिलने पहुंचा बाहें फैलाकर उन्होंने मुझे गले लगा लिया। मां अब चंदा मामा दूर के नहीं रहे।मामा बता रहे थे कि अब वो हमारे साथ ही रहेंगे।इसका मतलब मां…

  • “भारतीयता का अमृत-कलश “

    यह स्वतंत्र भारत का अमृत-काल है। भारत को 1947 में मिली आजादी का द्विवर्षीय (2022-2023 ) अमृत महोत्सव काल, हम सभी भारत वासियों के लिए बहुत हर्ष और गर्व का विषय है। हिमालयं समारभ्य यावत् इंदु सरेावरम् । तं देवनिर्मितं देशं हिंदुस्थानं प्रचक्षते ॥ उत्तरं यत्समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम् । वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र…

  • चाॅंद पर उतरा विज्ञान | Chand Par Utra Vigyan

    चाॅंद पर उतरा विज्ञान ( Chand par utra vigyan )    आज हमारे हिन्दुस्तान ने इतिहास ऐसा ये रच दिया, अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर चन्द्रयान लैंडिंग कर दिया। टिकी हुई थी विश्व की नज़रें इस दिन चंद्र के सामने, हमनें भी फिर क़लम उठाकर रचना एक रच दिया।। इसरो के वैज्ञानिकों ने ये नामुमकिन कार्य…

  • टिकने नहीं देते चोटी पर | Tikne Nahi Dete

    टिकने नहीं देते चोटी पर ( Tikne nahi dete choti par )    मेहनत लगन हौसला ही प्रगति का आधार मिला। बुलंदियों का आसमां हसीं उन्नति का सिलसिला। काबिलियत हूनर हारे सवाल खड़ा हो रोटी पर। घात लगाए बैठे लोग टिकने नहीं देते चोटी पर। शब्दों का जादू चल जाए कीर्ति पताका जग लहराए। कलमकार…

  • भारत चांद पर छाया है | Bharat Chand par

    भारत चांद पर छाया है ( Bharat chand par chaya hai )     माना के तू चाँद है भारत में सिवान सोमनाथ है विक्रम राह से भटका था तू तनिक हाथ से छिटका था   ऑर्बिटर से घिरा है तू कैसा सरफिरा है तू ? विक्रम फिर से जुड़ जायेगा तू कहीं और ना…

  • भक्त कवि तुलसीदास जी | Tulsidas ji

    मध्यकालीन हिंदी भक्त कवियों में तुलसीदास जी संभवत ऐसे कवि थे जिन्होंने व्यवस्थित साहित्य का सृजन किया। उनका जन्म संवत् 1554 की श्रवण सप्तमी के दिन अभुक्त मूल नक्षत्र में हुआ था।कहा जाता है की बचपन में ही उनके माता-पिता की मृत्यु हो गई थी ।वह द्वार द्वार रोते बिलखते भीख मांगा करते थे। जिसका…

  • बात उस चांँद की है | Baat us chand ki

    बात उस चांँद की है ( Baat us chand ki hai )    बात उस चांँद की है जो कवियों की कल्पनाओं में मुस्कुराता रहा जो बच्चों को अपना मामा नजर आता रहा एक अद्भुत शीतल ग्रह, सौंदर्य शिखर मन का कारक, सब का अति प्रिय था जो दुर्लभ। बात उस चांँद की है जिसकी…

  • चंद्रयान की सफलता | Chandrayaan ki Safalta

    चंद्रयान की सफलता ( Chandrayaan ki safalta )   दुर्लभ को सम्भव किया, भारत देश महान।। चन्द्रयान की सफलता, जय जय जय विज्ञान।। जय जय जय विज्ञान, निराली तेरी माया। भारत अनुसंधान, जगत में अव्वल छाया। कहैं शेष कविराय, जियें वैज्ञानिक वल्लभ। कुशल प्रशासन नीति, मिथक तोड़े सब दुर्लभ।।   लेखक: शेषमणि शर्मा”इलाहाबादी” प्रा०वि०-नक्कूपुर, वि०खं०-छानबे, जनपद…

  • चंद्रयान | Chandrayaan

    चंद्रयान ( Chandrayaan )   खुशियां मनाओ सब मिलकर प्यारे, चांद पर पहुंच गए अब कदम हमारे। चंद्रयान की सफल लैंडिंग पर, गूंज रहा हमारा नाम पूरी दुनिया भर। स्पेस रिसर्च के फील्ड में अब हम भी आगे बढ़ जायेंगे, नित नई खोजों से हम अब कई राज़ के पर्दे उठाएंगे। भारत के ज्ञान विज्ञान…