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  • अटूट बंधन | Atoot Bandhan

    अटूट बंधन ( Atoot bandhan )    यह रिश्तों से बंधा हुआ बंधन है किसी बंधन से बंधा नहीं है यह स्वयं ही अटूट विश्वास की डोर है जो जोड़ती है रिश्तों को भाई बहन का त्यौहार बड़ा ही खास होता है जो लाता है खुशियों का डिब्बा खुशियों संग लाता है मस्ती भरा अंदाज…

  • एक रोटी | Ek Roti

    एक रोटी ( Ek Roti )   एक रोटी जो कल शाम की रोटीदान में रखी थी जो गली से कुत्ता आया रोटीदान को तोड़ रोटी उठा ले गया अब इंतजार है रोटी कहां से पैदा करें घर में दो चीज़ है एक मैं और एक रोटीदान मेरे बच्चों की निगाह उस कुत्ते की तरफ…

  • मेरी खातिर | Mere Khatir

    मेरी खातिर ( Mere khatir )    सुनो इक ख़ूबसूरत घर बनाना तुम मेरी खातिर धनक के रंग सब उसमें सजाना तुम मेरी खातिर। मसर्रत रौशनी एहसास से तामीर हो छत की मुहब्बत से सनी ईंटे लगाना तुम मेरी खातिर। वहां राजा रहोगे तुम वहां रानी रहूंगी मैं किसी को दरमियां अपने न लाना तुम…

  • चंद्रयान से | Chandrayaan se

    चंद्रयान से ( Chandrayaan se )    आसान मस्अला ये हुआ चंद्रयान से अब गुफ़्तगू करेगी ज़मीं आसमान से भारत के वासियों ने बड़ा काम कर दिया आने लगीं बधाइयां सारे जहान से जाकर के सीधा अपने निशाने पर ही लगा छोड़ा गया था तीर ही ऐसा कमान से इस दर्जा कामयाबी मिली अपने देश…

  • अंगदान है महादान | Angdaan hai Mahadaan

    अंगदान है महादान ( Angdaan hai mahadaan )   चलों साथियों दिलदार बनों और करों अंगों का दान, महादान का हिस्सा बनकर बन जाओ सभी महान। समझो इसकी अहमियत करों प्रोत्साहित हर इंसान, यह अमूल्य-उपहार है जो बचाता मरीज़ की जान।। जीवित चाहें मृत व्यक्ति जिसका कर सकता है दान, पहले नेत्रदान एवं रक्तदान था…

  • चंद्रयान चंद्र पर | Chandrayaan Chandra par

    चंद्रयान चंद्र पर ( Chandrayaan Chandra Par )    चंद्रयान चंद्र पर पहुंचा प्यारा ध्वज तिरंगा लहराया। अधरो पे मुस्कान मोहक खुशियों का मौसम आया। राष्ट्रहिंद का विश्व पटल पर विजय शंखनाद हुआ। वैज्ञानिक उपलब्धि पाये शुभ कर्म निर्विवाद हुआ। आज वतन की रग रग में गौरव लालिमा छाई है। चंद्रयान सफल रहा मन में…

  • बचपन | Bachpan

    बचपन ( Bachpan )  ना जाने हम कब बडे होगये, माँ पकड़ के उगली चलना सिखाती थी। आज खुद ही चलने के काबिल हो गये, कल हम बच्चे थे, आज ना जाने इतने बड़े हो गये.. परिवार से दूर हो गए दोस्तो से पास हो गये, वो बचपन मेरा था बहुत ही खुबसुरत | पल…

  • एक पत्र किताबों के नाम | Ek Patra Kitabon ke Naam

    सुनो सखी, तुम्हें पता है ,किताबें महज अब एक रद्दी बनकर रह गई,एक वक्त था जब लगाव था किताबो से सबको,लेकिन आज मोबाइल ने इसकी अहमियत ही खत्म कर दी,जो शब्द किताबों में लिखे होते थे,उनमें खुद से जुड़ी भावनाएं अपनेपन का एहसास कराती थी,आज मोबाईल में सोशल साइट्स में कब वक्त बीत जाता पता…

  • शुभ अशुभ | Shubh Ashubh

    परमात्मा का बनाया प्रत्येक दिन शुभ होता है इसलिए प्रत्येक दिन ही एक से बढ़कर एक सुंदर और पवित्र दिन है ईश्वर महान है इसलिए उसकी कृतियां भी महान है। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य कहते हैं कि मनुष्य को चाहिए प्रत्येक दिन को शुभ माने। शुभ कर्मों के लिए हर दिन शुभ का है और…

  • बच्चों के चंदा मामा | Chandamama Bal Kavita

    बच्चों के चंदा मामा ( बालकाविता )   मम्मी कहती, बहुत दूर है चंदा मामा, नभ न तारें बिखराते। इतनी दूर भला कैसे, बच्चे के हाथ पहुंच पाते। गहरा रिश्ता उनका हमसे, तभी चांदनी पहुंचाते। बच्चों, ज्यादा दूर नहीं मैं तुमसे, चंदा मामा बतलाते। इसरो ने फिर हमें बताया, मिलने की हो चाह जहां, मिल…