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सकल घरेलू उत्पाद पर निबंध | Essay in Hindi on GDP

सकल घरेलू उत्पाद पर निबंध ( Essay in Hindi on gross domestic product - GDP )  किसी भी देश की Economy की रफ्तार को उसके GDP...

सब क्यों नहीं | Kyon nahi | kavita

सब क्यों नहीं ? ( Sab kyon nahi )***** खुशबू सा महक सकते? चिड़ियों सा चहक सकते? बादलों सा गरज सकते? हवाओं सा बह सकते? बिजली सा चमक सकते? बर्फ सा...

खिल रहे है गुलाब पानी में | Gulab shayari

खिल रहे है गुलाब पानी में ! ( Khil rahe hai gulab pani mein )    खिल रहे है गुलाब पानी में! था पर वो  आफ़ताब पानी में  बारिशों...

कोरोना काल में हो रहे सब मोटे | Corona kal par...

कोरोना काल में हो रहे सब मोटे ! ***** कोरोना काल में बिगड़ी है आदत, बढ़ी है तला भुना खाने की चाहत। छुट्टियों जैसे सब खाना खा रहे...

रक्त पीना : मच्छरों की शौक या मजबूरी | Machchhar par...

रक्त पीना : मच्छरों की शौक या मजबूरी? ******* ये हम सभी जानते हैं, मच्छर खून पीते हैं। डेंगी , मलेरिया फैलाते हैं, सब अक्सर सोचते हैं! ये ऐसा करते...

ईद की आयी यारों हसीं रात है | Eid shayari

ईद की आयी यारों हसीं रात है ( Eid ki aayi yaaron haseen raat hai )    ईद की आयी यारों हसीं रात है हर तरफ़ खुशियों की...

हरि अब दर्शन दो | Poem hari ab darshan do

हरि अब दर्शन दो  ( Hari ab darshan do ) ***** ओ री हरि, अब दर्शन दो री। कलयुग में- मति गई मारी, क्या राजा? क्या भिखारी? जगत पापी से भरी, भगत पापी...

ख़ुशी की ख़ुदा वो बहार दें | Khushi shayari

ख़ुशी की ख़ुदा वो बहार दें ! ( Khushi ki khuda wo bahar de )  ख़ुशी की ख़ुदा वो बहार दें! नहीं और ग़म का  ख़ुमार दें  सनम...

बंदर मामा | Poem bandar mama

बंदर मामा ( Bandar mama )***** बंदर मामा बंदर मामा, कब तक पहनोगे पैजामा? बचपन से पढ़ते आए हैं, रट रट किस्से सुनाए है। अब तुम भी बदलो अपना जामा, बंदर...

बेटी को न परेशान करो | Poem on beti

बेटी को न परेशान करो  ( Beti ko na pareshan karo )    बेटी को न परेशान करो हर नारी का सम्मान करो  पढ़ने दो है जान वतन की शिक्षा...