Author: Admin

  • धुंआ | Dhuaan

    धुंआ ( Dhuaan )   धुंये के कितने रंग…|| 1.उठता है ऊपर आसमान, छूने का जनून होता है | उसे देखकर लोगों मे, हलचल सा शुरूर होता है | भीड जमा होती है, जाने कितने सबाल होते हैं | धुंआ कहाँ से उठा है, पता कर के निहाल होते हैं | धुंये के कितने रंग…||…

  • झाडू वाला | Jhadu wala | Kavita

    झाडू वाला ( Jhadu Wala )   कचडे वाला आया……|| 1.ये कौन आया सुबह-सुबह, कब से शोर मचाता है | खर-खर की करता आवाजें, हमें सोते हुए जगाता है | कचडा वाला आया कहकर, लम्बी आवाज लगाता है | भैया-भाभी कचडा दे दो, कहकर कचडा ले जाता है | कचडे वाला आया……|| 2.पूँछा मैने माँ…

  • योग पर निबंध | Essay in Hindi on yoga

    योग पर निबंध ( Yoga par nibandh )   प्रस्तावना (Introduction) :– जैसा कि मालूम है 21 जून 2015 से हर साल अंतरास्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग के विषय में कहा जाता है कि योग के माध्यम से चित से लेकर शरीर के विभिन्न विकारों को दूर किया जा सकता है। भारत में…

  • किस पर लिखूँ | Poem kis par likhu

    किस पर लिखूँ ( Kis par likhu )    1. आखिर,किस पर क्या लिखूँ || कलम उठा ली हांथ मे, कागज कोरा ले लिया | बैठा गया मै सोच के, किसी परी पर कविता लिखूँ |  आखिर,किस पर क्या लिखूँ || 2.लिखने बैठा तो सोच मे पड गया, किस-किस की अदाएं लिखूँ | मगर दिख…

  • बरसात आ गई | Barsaat aa gayi | Kavita

     बरसात आ गई  ( Barsaat aa gayi )   बरसात आ गई………|| 1.बरसात आ गई, सारे मेढकों की मौज हो गई | टर्र-टर्र की आवाज, सुन्दर सुर की खोज हो गई | वहीं एक और सुरीला सुर, पपीहे की पिहुं पिहुं | मोर का नृत्य देखो, फिल्मी हस्तियां फेल हो गई | बरसात आ गई………||…

  • यादें | Yaadein kavita

    यादें ( Yaadein )   1. तेरी यादों में दिलये सजा है, इश्क है ये तमाशा नहीं है | वो भी दिल कोई दिल है जहां में, जिसमें तस्वीर तेरी नहीं है | वो भी दिल कोई दिल है जहां ……..||   2. चांद सूरज सितारों में देखा, फूल कलियों,बहारों मे देखा | लौट आई…

  • वो-सनम् | Poem O – Sanam

     वो-सनम्  ( O Sanam )    क्या ? आज भी तुम “वही”हो || 1.एक वक्त था ना तुम मुझे जानते थे,ना मै तुम्हें जनता था | फिर दोनो की उम्र कि जरूरत थी,वक्त का भी फैसला था | न मैने तुम्हें देखा न तुमने मुझे देखा,सिलसिला शुरू हुआ | दिली चाहत थी न कोई सवाल,बातों…

  • सुनहरी यादें | Kavita sunheri yaadein

    सुनहरी यादें ( sunheri yaadein )   तुमसे मिले थे पहली दफा याद है अब भी मुझे वो तुम्हारी सुनहरी यादें।   भुलाई नहीं जा रही है अब भी दिल से वो सुनहरी यादें जब हम ने बहुत अरमान अपने दिल में संजोए थे सोचा था, मिलेंगे जब भी हम चाहेंगे टूट कर एक-दूसरे को।…

  • जिन्दगी का सफर | Zindagi ka safar kavita

     “जिन्दगी का सफर”  ( Zindagi ka safar ) सफर जिन्दगी का कठिन है, “नामुमकिन”नहीं || राह-नई मंजिल-नई, हम भी नए जमाने में | जाने कब कहाँ पहुँचेंगे, जाने किस ठिकाने में | जब से जीना सीखा हमने, दिन-रात चुनौती रहती है | सफर हमारा जारी है, स्वीकर हर चुनौती रहती है |   सफर जिन्दगी…

  • प्रथम-गुरू | Pratham guru kavita

    “प्रथम-गुरू” ( Pratham guru )   गुरु है ब्रम्हा-गुरु है विष्णु, गुरु हैं मेरे महेश्वरा प्रथम गुरु मेरे मात-पिता, दिया जनम दिया आसरा उनके जैसा धरती में क्या, नहीं अम्बर में भी दूसरा पाल-पोस कर बड़ा किया, नहीं होने दी कमी कोई प्यार नहीं कोई उनके जैसा, न ही मिलावट है कोई गुरु है ब्रम्हा,गुरु…