Bal vivah par kavita

बंद कर दो बाल-विवाह | Bal vivah par kavita

बंद कर दो बाल-विवाह

( Band kar do bal-vivah )

 

ख़ूब पढ़ाओं यह देनी एक सलाह,

बन्द कर दो अब तो बाल-विवाह।

लड़का एवं लड़की होने दो जवान,

ना करना बचपन में जीवन स्वाह।।

 

क्या सही गलत यह नही पहचान,

अभी है यह कच्चे घड़े के समान।

चुनने दे इनको अपनी अपनी राह,

और चूमने दो ये गगन आसमान।।

 

शादी एवं सुहाग यह होता है क्या,

बन्धन यह फेरों का मतलब क्या।

काजल-बिंदी, निर्जल व्रत है क्या,

गुड्डा गुड़ियाॅं का यह खेल है क्या।।

 

बचपनें में लगाओ न कोई विराम,

बच्चा-बच्चीं समझों दोनों समान।

पढ़-लिखकर बनाने देना पहचान,

पकनें देना इनको घड़ो के समान।।

 

अभी बेड़ियाॅं पाॅंवो में डालो ना दो,

ऑंगन में चिड़ियाॅं सा चहकनें दो।

फूल बनकर इसे अभी महकनें दो,

इस कोमल कली को टूटने ना दो।।

 

 

रचनाकार :गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

वो एक क़िताब | Poem on kitab

Similar Posts

  • परीक्षा मंत्र

    परीक्षा मंत्र   सुनो, तुम्हे सुनाने आया हूं। जागो, तुम्हें जगाने आया हूं। देखो, तुम्हें दिखाने आया हूं। बोलो तुम्हे बुलाने आया हूं।। पढ़ी पुस्तके पलटो, उत्तर मिल जायेगा, वर्ष भर लिखी नोट्स को देखो, उत्तर मिल जायेंगे। बस मेरी इक बात मानो ध्यान से पढ़ो ध्यान से सुनो, तुम्हे अपने जीवन के एक-एक मार्ग…

  • क्या शैतान सच में होते हैं

    क्या शैतान सच में होते हैं क्या सच में,होते हैं शैतान ?या ये है केवल,हमारा अनुमान ।हां वाकई,होते हैं शैतान ।जब हम करते हैं,कोई बुरा काम ।या फ़िर करते हैं,बड़ों का अपमान ।तब हमारे भीतर ही,प्रविष्ट हो जाते हैं ;ये दुष्ट शैतान ।जब हम, भूल जाते हैं ,सही ग़लत की पहचान ।तभी हमें उकसाते हैं…

  • ठंड का कहर | Thand par Kavita

    ठंड का कहर ( Thand ka kahar )    देखो  ठंड  ढा  रही  है  कहर  सर्दी  की। चीर  रही  तन  को  शीत-लहर  सर्दी  की।।   कभी   ऐसा  बेरहम  मौसम  नहीं  देखा। मार  डालेगी  ये  शामो-सहर  सर्दी की।।   ठंड से  बेहाल है  शहर, कस्बे, गांव  सब। बर्फ-बारी  पहाङो  पर  है  गदर  सर्दी  की।।   कोहरे …

  • अनमोल है बिटिया | Anmol Hai Bitiya

    एक अनमोल रत्न है बिटियाखुशियों की सौगात है बिटिया सुबह की पहली किरण है बिटियाघर आंगन महकाती है बिटिया मां की परछाई होती है बिटियादो परिवारों का मान बढ़ाती है बिटिया सबके मुकद्दर में कहां होती है बिटियामाता-पिता का दुख समझती है बिटिया थोड़ी नटखट थोड़ी शैतान होती है बिटियासंस्कार और शिक्षा से समाज को…

  • Hindi Poetry On Life | Hindi Poem -आफर

    आफर ( Offer )   क्या  कोई  ऐसा  भी  है  जो, दुखी  हृदय  घबराए। प्रेम दिवस पर मुझे बुलाकर,पिज्जा, केक खिलाए।   इससे  पहले  भाग्य  अभागा, सिंगल  ही मर जाए। फोन  करे  हुंकार  को  पहले, आकर  आफर पाए।   आँखों  मे  आँखो  को  डाले, मन  की  बात  करेगे। पुष्प  गुलाब  का  तुम  ले आना, बालों…

  • प्रथम महिला प्रधानमंत्री | Poem in Hindi on Indira Gandhi

    प्रथम महिला प्रधानमंत्री ( Pratham mahila pradhanmantri )    बचपन में पुकारते इन्दु प्रियादर्शिनी के नाम, श्री मती कमला नेहरू इनकी माता का नाम। श्री जवाहरलाल नेहरू की एक मात्र सन्तान, अनेंक उपलब्धियाॅं आपने की है अपने नाम।। आज भी मुॅंह बोलते आपके किये हुऍं काम, प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाॅंधी महान। असहयोग आन्दोलन में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *