हो शालू | Bhojpuri kavita ho Shalu
हो शालू!
( Ho Shalu )
झमकावेलू,
आंख देखावेलू
लचकावेलू,
मटकावेलू
धमकावेलू,
महटियावेलू
ना आवेलू,
अंठियावेलू
सुनावेलू,
सतावेलू।

( Ho Shalu )
झमकावेलू,
आंख देखावेलू
लचकावेलू,
मटकावेलू
धमकावेलू,
महटियावेलू
ना आवेलू,
अंठियावेलू
सुनावेलू,
सतावेलू।

यह आंखें ( Yah Aankhen ) यें ऑंखें कुछ-कुछ कहती है, लगता है जैसे मुॅंह बोलती है। अचूक निशाना साधे रहती है, ऐसे लगता है जैसे बुलाती है।। यें शर्माती है और घबराती है, दीवानी मद-होश कातिल है। फिर भी सबको यह प्यारी है, यही काली ऑंखें निराली है।। चाहें तुम्हारी है चाहें हमारी…

रंगोली ( Rangoli ) रंगहीन सी जिंदगी में वो किसी रंगोली से कम नहीं। उदासियों के भंवर में इक मीठी बोली से कम नहीं। बदलाव की बयार लेकर आयी है वो मेरी जिंदगी में। प्यार लुटाती सदा, वो किसी हमजोली से कम नहीं। रंगहीन सी जिंदगी में वो किसी रंगोली से कम नहीं। श्वेत-श्याम…

गोपाष्टमी ( Gopashtami : Geet ) गौमाता को जीने दो दूध की नदियां बहने दो राष्ट्र उत्थान होने को है इनका संरक्षण होने दो जिसे घर में गौ पाली जाती वो धाम अभय हो जाता है साक्षात रूप में विष्णु को गोलोकधाम को पाता है इनके निवास से गोकुल का सदा सुख…

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस ( Vigyan se Manavta ka Bhala ) विज्ञान की अठखेलियों से, मानवता का भला हो वर्तमान विज्ञान प्रौद्योगिकी , मनुज जीवन अभिन्न अंग । अनुप्रयोग संसाधन सानिध्य, रज रज व्याप्त भौतिक रंग । हर घर सुख समृद्ध मंगल, नवाचारी प्रयोग कला हो । विज्ञान की अठखेलियों से, मानवता का भला हो…

छठ मैया ( Chhath maiya : Chhath kavita ) सूर्य राशियों में जल लेकर छठ मैया मनाता आराधक नित नेम से माता के गुण गाता सुख वैभव संसार में सर्वफल सुखों की दाता साधक शरण सदा आपके मनवांछित फल पाता सबकी झोली भरने वाली उजियारा करने वाली पुत्र रत्न की लिए…

किसान ( kisan par kavita ) खुशनसीब होते हैं वो, जो खेतों में रहा करते हैं। भूमिपुत्र किसान, कृषि कार्य किया करते हैं। अन्नदाता देश का, जिसमे स्वाभिमान भरा। भेज देता लाल सीमा पर, रक्षा हेतु मातृधरा। तपती धूप सहता रहता, तूफानों से टकराता है। बहा पसीना खेतों में, वो ढेरों अन्न उगाता…

