कविताएँ

  • धूप का टुकड़ा | Dhoop ka tukda

    “धूप का टुकड़ा” ( Dhoop ka tukda )     अलसाई सी सुस्ताई सी सर्दी में दुबकती सी मुरझाई सी कमरे के इक कोने में अपने में ही खुद से उलझती सी मैं…… और मुझमें मुझको ही ढूँढता सा आ गया कहीं से छिपता छिपाता सा मुझको मेरे हिस्से की गरमी तपिश देने वो ….

  • कृष्ण | Kavita Krishna

    कृष्ण ( Krishna )     नयन भर पी लेने दे, प्रेम सुधा की साँवली सूरत। जनम तर जाएगा हुंकार,श्याम की मोहनी मूरत।   ठुमक  कर  चले  पाँव  पैजनी, कमर करधनियाँ बाँधे, लकुटी ले कमलनयन कजराजे,मोरध्वंज सिर पे बाँधे।   करत लीलाधर लीला मार पुतना, हँसत बिहारी। सुदर्शन चक्रधारी बालक बन,दानव दंत निखारी।   जगत…

  • गणतंत्र दिवस हमारा | Ganatantra divas kavita

    गणतंत्र दिवस हमारा ( Ganatantra divas hamara )     देश भक्ति में झूमे सारे, मनाए उत्सव मिलकर। गणतंत्र दिवस हमारा, मुस्काए हम खिलकर।   हाथों में तिरंगा लेकर, गीत वतन के गाए। आओ आज मिलकर, महोत्सव हम मनाएं।   सीमा पर अटल सेनानी, वंदे मातरम गा रहे। राष्ट्रप्रेम की ज्योत जला, देशप्रेम जगा रहे।…

  • बाल मजदूरी बचपन छीने | Baal mazdoori kavita

    बाल मजदूरी बचपन छीने ( Baal mazdoori bachpan cheene )     सीधे-साधे बच्चों का भगवान रखवाला होता है बालश्रम करवाते उनका निकले दीवाला होता है बच्चों का भविष्य उजाड़े उनको कैसे माफ करें कानून की नजरों में वो तो सलाखों वाला होता है   दुष्ट प्रवृत्ति होते हैं वो लोग जो बालश्रम करवाते भोले…

  • जख्म | Zakhm par Kavita

    जख्म ( Zakhm )     दुखती रग पे हाथ रखा घाव हरे हो गये कल तक जो अपने थे बैरी हमारे हो गए   घाव भरते नहीं कभी जो मिले कड़वे बोल से नासूर भांति दुख देते रह रहकर मखोल से   जख्म वो भर जाएंगे वक्त की मरहम पाकर आह मत लेना कभी…

  • बेकाबू मन | Kavita bekaaboo mann

    बेकाबू मन ( Bekaaboo mann )     बेकाबू मन मेरा बार बार, स्मरण तुम्हारा करता है। तर जाता जनम मरण मेरा यदि,ईश्वर मे ये रमता है।   तुम मोह मेरे हरि मोक्ष रहे,मन जान नही ये पाता मेर। मन के संग प्रीत का मंथन है, हुंकार हृदय घबराता है।   आशा में तनिक निराशा…

  • हम सबका अभिमान तिरंगा | Ham Sab ka Abhiman Tiranga

    हम सबका अभिमान तिरंगा ( Ham sab ka abhiman tiranga )     आन बान शान तिरंगा देश का स्वाभिमान तिरंगा सबका अभिमान तिरंगा देशभक्ति गुणगान तिरंगा   वीरों का यशगान तिरंगा आजादी का मान तिरंगा वंदे मातरम गान तिरंगा वतन की है शान तिरंगा   बलिदानों का मान तिरंगा राष्ट्रधारा जयगान तिरंगा देश प्रेम…

  • महादान | Mahadaan kavita

    महादान ( Mahadaan )   शैनेः  शैनेः  बढो  सनातन,  हिन्दू अपने शान मे। सवा रूपईया दान करो तुम,मन्दिर के निर्माण में।   इक पत्थर ही लगवा देना,रामलला के धाम में। जैसे इक नन्ही सी गिलहरी,राम सेतु निर्माण मे।   देने वाले ईश्वर है तो, भक्ति भाव गर्वित कर लो। जन्म सुधर जाएगा तेरा,जीवन की अर्पित…

  • करें फिर गुलशन को गुलजार | Geet

    करें फिर गुलशन को गुलजार ( Karen phir gulshan ko gulzar )   जीवन में आती रहे बहार खिल उठे सपनों का संसार झूमे नाचे ओ मेरे यार करें फिर गुलशन को गुलजार करें फिर गुलशन……..   कदम कदम पर प्यार के मोती  चले बांटते राहों में प्रेम की गंगा बहाते सारे शहरों और गांवों…

  • मगरमच्छ के आंसू | Kavita magarmach ke aansoo

    मगरमच्छ के आंसू ( Magarmach ke aansoo )     दिखावे की इस दुनिया में लोग दिखावा करते हैं घड़ियाली आंसू बहाकर जनमन छलावा करते हैं   मगरमच्छ के आंसू टपकाते व्यर्थ रोना रोते लोग अपना उल्लू सीधा करते मतलब से करते उपयोग   भांति भांति के स्वांग रचाते रंग बदलते मौसम सा बात बात…