कविताएँ

  • रिश्तो का मेला | Poem on rishtey in Hindi

    रिश्तो का मेला ( Rishton ka mela )     सद्भाव का संगम अनूठा  रिश्तो का मेला जहां उमड़ता सागर है अपनापन अलबेला   एक दूजे के दर्द बांटते सुखों में रहते शामिल तीज त्योहार होली दिवाली सब मनाते हिलमिल   खुशियों का संसार हमारा प्यारा रिश्तो का मेला धागा है यह अटूट प्रेम का…

  • रख | Kavita

    रख ( Rakh : Hindi Kavita  )   खुशियो भरा पिटारा रख । दिल मे जज्बा प्यारा रख ।। तुझे अकेले चलना है । आगे एक सितारा रख ।। मन मे हो मझधार अगर । अपने साथ किनारा रख ।। धुन्धले पन के भी अंदर । सुंदर एक नजारा रख ।। दुनिया से जो भिड़ना…

  • दीप जलाए प्रेम के | Kundaliya chhand

    दीप जलाए प्रेम के ( Deep jalaye pyar ke : kundaliya chhand )   दीप जलाए प्रेम के,पावन है अति पर्व। अनुरंजन वंदन करें,आज सभी को गर्व।   आज सभी को गर्व,जगत फैला उजियारा। बढ़े  परस्पर  प्रेम, बढ़ाएं  भाईचारा।   लक्ष्मी  देव  गणेश, आरती  मंगल  गाये। खुशियां मिले अपार ,प्रेम के दीप जलाये।     …

  • नरक चतुर्दशी | Narak chaturdashi kavita

    नरक चतुर्दशी ( Narak chaturdashi )     नरक चतुर्दशी नाम है सुख समृद्धि का त्यौहार रूप चौदस कहते इसे सुहागने करती श्रंगार   यम का दीप जलाया जाता सद्भाव प्रेम जगाया जाता बड़े बुजुर्गों के चरण छू कर खूब आशीष पाया जाता   छोटी दिवाली का रुप होती रोशनी अनूप होती सजावट से रौनक…

  • दीपावली | Diwali geet

    दीपावली ( Deepawali : Geet )   लो आया दीपों का त्यौंहार छाई रौनक भरे बाजार खुशियों में झूमे संसार सज रहे घर-घर बंदनवार   दीप जलाने की बेला में देते खूब बधाई जगमग जगमग दीप जले घर घर धनलक्ष्मी आई   गजानंद जी रिद्धि सिद्धि लाये धन लक्ष्मी धन योग सुख समृद्धि वैभव आए…

  • हर तिमिर मिट जाए | Diwali ki kavita in Hindi

    हर तिमिर मिट जाए ( Har timir mit jaye : Kavita)   जल  उठे  दीए,  घर  आंगन  में; भर जाएँ खुशियाँ सबके दामन में! घर में श्री गणेश-लक्ष्मी का वास हो; और कोरोना महामारी का नाश हो!   हर ग़रीब के घर दीया व चूल्हा जले; सबका संसार खुशियों से फूले-फले! मिट्टी के दीपक जला,…

  • संत्रास | Gitika chhand

    संत्रास ( Santras )   ईर्ष्या, पीड़ा, शत्रुता, अति, अभाव का त्रास ! हीन भावना , विवशता , से निर्मित संत्रास !!   मन में पाया बिखरता, जब इनका अंधियार चाहा कारण खोज ले, क्यों है यह प्रतिभास !!   मन ने सुन ली सहज ही , मन की सारी पीर समझ लिया था जान…

  • दीपावली त्योहार | Diwali tyohar kavita

    दीपावली त्योहार ( Deepawali tyohar : Kavita )   जगमगाया घर का आंगन आया  दीपों  का  त्योहार रोशन हो गया कोना-कोना दिवाली खुशियों का त्योहार   दीप जले उजियारा लाये स्नेह मिलन बिखेरे प्यार घर घर में खुशहाली छाये सदा  भरा  रहे  भंडार   लक्ष्मी मां कृपा हमेशा बरसाती  रहे  अपार यश कीर्ति वैभव दात्री…

  • दीप दिवाली के | Happy diwali kavita

    दीप दिवाली के ( Deep diwali ke )   आओ,दीप दिवाली के मिलकर जलाएँ हम आओ, गीत  दिवाली के मिलकर गाएँ हम  ।   खुशियों से चमके सबके उर-घर-आँगन हर्ष की विजय पताका चहु ओर फहराएँ हम ।   महलों के चौबारे से लेकर, हर चौराहे तक सबको प्रेम-बंधुत्व से रहना सिखाएँ हम ।  …

  • धन्वंतरि जयंती | Dhanvantari jayanti kavita

    धन्वंतरि जयंती ( Dhanvantari jayanti )   आरोग्य ओज मेघा शक्ति का  आयुर्वेद रखवाला है धनवंतरी की देन है स्वदेशी जड़ी-बूटी खजाना है कब्ज गैस बदहजमी का  रामबाण इलाज करें तेज बल पौरूष चाहो तो च्यवन ऋषि को याद करें संत सूरों से भरी वसुंधरा औषध सब उपचार करें आयुर्वेद उत्तम चिकित्सा चरक संहिता ध्यान…