ग़ज़ल

  • नहीं हूँ मैं | Nahi Hoon Main

    नहीं हूँ मैं ( Nahi Hoon Main ) पुख़राज़ कोहिनूर या गौहर नहीं हूँ मैंलूटे जो बज़्म तेरी वो शायर नहीं हूँ मैं बूढ़ा हूँ उम्र से हुआ जर्जर नहीं हूँ मैंदीवार-ओ- दर है साथ में खंडर नहीं हूँ मै कमतर नहीं अगर सुनो बदतर नहीं हूँ मैंलेकिन किसी अमीर का चाकर नहीं हूँ मैं…

  • हृदय में जो निशानी है

    हृदय में जो निशानी है दिखाता प्रेम की तुमको हृदय में जो निशानी है ।कभी लाओ उसे भी पास जिससे ये कहानी है ।। अधूरे स्वप्न ये मेरे मुझे इतना सताते अब ।अधर कुछ कह नहीं पाते बहाते नैन पानी है ।। अकेले ही पडा रोना मुझे तो इश्क़ में उनके ।हुआ चर्चा अभी जिनका…

  • भीड़ भक्तों की मय्या तेरे द्वार है

    भीड़ भक्तों की मय्या तेरे द्वार है भीड़ भक्तों की मय्या तेरे द्वार हैइनकी कश्ती फँसी आज  मझधार है जब भी भक्तों पे संकट की आई घड़ीदुर्गे माँ ने लिया तब ही अवतार है दैत्य दानव दरिंदों के संहार कोमाँ उठाती सदा अपनी तलवार है झूमते नाचते धुन पे गरबे की सबहर्ष उल्लास भरता ये …

  • कितना है प्यार | Kitna Hai Pyar

    कितना है प्यार ( Kitana Hai Pyar ) कितना है प्यार याद दिलाने की देर हैयानी कि दूर यार से जाने की देर है इक राज़ को तमाशा बनाने में कितनी देरअपने से दूसरे को बताने की देर है इतना तुनक-मिज़ाज हूँ कमरा भी हर तरफ़बिखरा हुआ मिलेगा सजाने की देर है अर्ज़ो-समा का हो…

  • उदासियाँ | Udasiyan

    उदासियाँ ( Udasiyan ) बैठी हैं हर क़दम पे डगर पर उदासियाँकैसे हो अब गुज़र, मेरे दर पर उदासियाँ मायूस होके लौटे जो उनकी गली से हमछाईं हमारे क़ल्ब-ओ-जिगर पर उदासियाँ क्या हाल आपसे कहें क़हर-ए-खिज़ां का हमसूखी है डाल-डाल शजर पर उदासियाँ दिखता नहीं लबों पे तबस्सुम किसी के अबछाई हुई हैं सबकी नज़र…

  • यह भी कोई बात हुई | Yeh Bhi koi Baat Hui

    यह भी कोई बात हुई ( Yeh Bhi koi Baat Hui ) कुछ तो बोलो जान-ए-राह़त यह भी कोई बात हुई।तोड़ गए तुम अ़ह़्द-ए-उल्फ़त यह भी कोई बात हुई। एक ज़रा सा दिल क्या टूटा राहे मुह़ब्बत में दिलबर।भूल गए तुम नाज़ो नज़ाकत यह भी कोई बात हुई। मिलते तो हो हम से लेकिन दिल…

  • किसी के इ़श्क़ में | Kisi ke Ishq Mein

    किसी के इ़श्क़ में ( Kisi ke Ishq Mein ) बेफ़ैज़ ज़िन्दगानी का अफ़साना बन गया।दिल क्या किसी के इ़श्क़ में दीवाना बन गया। फूलों के मिस्ल खिल गया हर ज़ख़्म का निशां।जो ज़ख़्म उसने दे दिया नज़राना बन गया। वो थे क़रीबे क़ल्ब तो ह़ासिल थे लुत्फ़ सब।जाते ही उनके घर मिरा ग़म ख़ाना…

  • तारीफ़ तेरे हुस्न की | Tarif Tere Husn ki

    तारीफ़ तेरे हुस्न की ( Tarif Tere Husn ki ) तारीफ़ तेरे हुस्न की हर शाम करेंगेमहबूब तेरे इश्क़ में हम नाम करेंगे डरते न ज़माने से हुकूमत हो किसी कीइज़हार ए मुहब्बत भी सरे-आम करेंगे जो मोम था पत्थर हुआ दिलदार भी लेकिनखुद क़त्ल भी हों उसको न बदनाम करेंगे ऊँचा हो भले दाम…

  • रुख़ से चिलमन ज़रा क्या हटा दी

    रुख़ से चिलमन ज़रा क्या हटा दी रुख़ से चिलमन ज़रा क्या हटा दी।उसने बिजली सी दिल पर गिरा दी। ख़्वाबे ग़फ़लत में खोए हुए थे।जागे-जागे से सोए हुए थे।आन में रूबरू आ के हाए।नींद उसने हमारी उड़ा दी।रुख़ से चिलमन ज़रा क्या हटा दी।उसने बिजली सी दिल पर गिरा दी। मारे-मारे से फिरते थे…

  • चर्चा तेरी गली का | Charcha Teri Gali Ka

    चर्चा तेरी गली का ( Charcha Teri Gali Ka ) मुझ से ही चल रहा है चर्चा तेरी गली का कैसा महक रहा है रिश्ता तेरी गली का जब ख़ुद को भूलना भी आसान हो गया फिर क्यों याद आ रहा था नक़्शा तेरी गली का अब सारा शहर जिसकी लपटों में जल रहा है…