ग़ज़ल

  • आरज़ू के फूल | Aarzoo ke Phool

    आरज़ू के फूल ( Aarzoo ke Phool ) बिखरे हैं मेरे दिल में तेरी आरज़ू के फूलआकर समेट ले ये तेरी जुस्तजू के फूल।। ख़ुशबू हमारे वस्ल की, फ़ैली है हर जगहहर जा बिछे हुए हैं, यहाँ गुफ़्तुगू के फूल महफूज़ रक्खे दिल में तेरी चाहतें जनाबऔर याद जिसने बख़्शे ग़म-ए-सुर्ख़रू के फूल दिल का…

  • मुफलिसी मुफलिसी नहीं होती | Muflisi Muflisi Nahi Hoti

    मुफलिसी मुफलिसी नहीं होती ( Muflisi Muflisi Nahi Hoti ) बज़्म महफ़िल हसीं नहीं होती Iजब तलक तू कहीं नही होती II इश्क दौलत अजीब है जिसमे Iमुफ़लिसी मुफलिसी नहीं होती II फायदा देख जब किया जाए Iवो कभी दोस्ती नहीं होती II हुस्न उम्मीद तिश्नगी धोखा Iफलसफा इश्क की नहीं होती II लफ्ज़-जज़्बात है…

  • सबको जाना है | Sabko Jana Hai

    सबको जाना है ( Sabko Jana Hai ) देर लगी हां लेकिन सबको जाना है ,रफ़्ता रफ़्ता चेहरों को पहचाना है। हर छोटी सी बात बुरी लगती उसको,गुस्सा इतना ठीक नहीं समझाना है। देख के कल वो मुसकाया था महफ़िल में ,बस इसका ही बन बैठा अफ़साना है। जब भी मिलता बात वफ़ा की करता…

  • तुम्हारे बाद | Tumhare Baad

    तुम्हारे बाद ( Tumhare Baad ) साँसें थमी हैं ख़त्म भी किस्सा तुम्हारे बादबिखरा है मेरा जिस्म सरापा तुम्हारे बाद कतरे से हो गए हैं समुंदर तवील सेख़ुद पे रहा न हमको भरोसा तुम्हारे बाद कैसे सुनाएं बज़्म में क़िस्सा-ए-इश्क़ हमशाइर बना है दिल ये हमारा तुम्हारे बाद मझधार में खड़े हैं मनाज़िर अजीब हैंकैसे…

  • बुग्ज़ दिल से निकाल देते हैं | Bugz Dil se Nikal Dete Hain

    बुग्ज़ दिल से निकाल देते हैं ( Bugz dil se nikal dete hain ) बुग्ज़ दिल से निकाल देते हैंबिखरे रिश्ते सॅंभाल देते हैं। किसकी बाज़ी है देखने को येएक सिक्का उछाल देते हैं। बात जब दोस्ती की चलती हैलोग अपनी मिसाल देते हैं। रोज़ कहते की भूल बैठे होदिल तुम्हारा खॅंगाल देते हैं। ये…

  • ज़िंदगी खुल के जियो | Zindagi Khul ke Jiyo

    ज़िंदगी खुल के जियो ( Zindagi Khul ke Jiyo ) ज़िंदगी खुल के जियो बस ये भरोसा करकेएक दिन मौत बुला लेगी इशारा करके कौन ऋण इनका चुका पाया है इस दुनिया मेंअपने माँ बाप को छोड़ो न किनारा करके आपकी दीद को हर रोज तड़पते हैं हमथक गए चाँद का हर रात नज़ारा कर…

  • जताते नहीं | Jatate Nahi

    जताते नहीं ( Jatate Nahi ) आज कल प्यार क्यों तुम जताते नहींरूठने पर मुझे क्यों मनाते नहीं हारना चाहती हूं मैं सब कुछ मगरप्यार के खेल में तुम हराते नहीं मैं तरसती ही रहती हूं लेकिनकान में चीखकर डराते नहीं मैं हूं तैयार पर आज कल तुम कभीप्रेम से उंगलियों पर नचाते नहीं कौन…

  • नज़रों से मेरे | Nazaron se Mere

    नज़रों से मेरे ( Nazaron se Mere ) नज़रों से मेरे अपनी नज़र जब मिला गयाइस दिल में गुल मुहब्बतों के वो खिला गया रुसवा हैं देते हमको न पैग़ाम वो कोईमिलने मिलाने का भी तो अब सिलसिला गया शरमा रही थी चांदनी भी आज चाँद सेउसको शराब आँखों से कोई पिला गया वो मूल…

  • ग़ज़ल हिन्दी में | Ghazal Hindi Mein

    ग़ज़ल हिन्दी में ( Ghazal Hindi Mein ) ( 2 ) आशाओं में बल लगता हैहोगा अपना कल लगता है एक तुम्हारे आ जाने सेयह घर ताजमहल लगता है सींच रहा जो मन मरुथल कोपावन गंगा जल लगता है हम तुम साथ चले हैं जब सेजीवन मार्ग सरल लगता है यह कहना आसान नहीं हैतेरा…

  • तौबा | Tauba

    तौबा ( Tauba ) बगावत से करो तौबा, अदावत से करो तौबामगर हर्गिज़ नहीं यारो मुहब्बत से करो तौबा सही जाती नहीं ये दूरियाँ अब इश्क़ में हमसेकहा मानो सनम अब तुम शरारत से करो तौबा बिना मतलब ही मारें लोग पत्थर फेंक कर हमकोये रोने और रुलाने की जहालत से करो तौबा हसीं तुमसा…