ग़ज़ल

  • तूफान उठाया है | Toofan Utha Hai

    तूफान उठाया है ( Toofan Utha Hai ) इस दिल के समुंदर में तूफान उठाया हैमासूम निगाहों ने जब तीर चलाया है वो दिल के दरीचों से नज़दीक लगा इतनाइक पल में उसे हमने हमराज़ बनाया है ताउम्र रहे रौशन दहलीज़ तेरे घर कीयह दीप मुहब्बत का यूँ हमने जलाया है तुमने जो किया दिल…

  • क्या समझे | Kya Samjhe

    क्या समझे ( Kya Samjhe ) क्या किया उसने और क्या समझे।बेवफ़ाई को हम वफ़ा समझे। ज़ह्न को उसके कोई क्या समझे।सर निगूं को जो सर फिरा समझे। क़ाफ़ले ग़र्क़ हो गए उन के।नाख़ुदाओं को जो ख़ुदा समझे। क्यों न पागल कहे उसे दुनिया।ज़ुल्फ़-ए-जानां को जो घटा समझे। ख़ुद को समझे वो ठीक है लेकिन।दूसरों…

  • चाहता हूँ | Chahta Hoon

    चाहता हूँ ( Chahta Hoon ) माँग तेरी मैं सज़ाना चाहता हूँहाँ तुझे अपना बनाना चाहता हूँ राह उल्फ़त की बनाना चाहता हूँप्यार हर दिल में बसाना चाहता हूँ आप बिन तो इस जहाँ में कुछ नही हैबात मिलकर ये बताना चाहता हूँ दो कदम जो साथ मेरे तुम चलो तोइक़ नई दुनिया दिखाना चाहता…

  • सर्द पड़े रिश्ते | Sard Pade Rishte

    सर्द पड़े रिश्ते ( Sard Pade Rishte ) सर्द पड़े इन रिश्तों को,फ़िर गर्माना , ज़रूरी है । सोये हुए एहसासों को ,फ़िर जगाना , ज़रूरी है । दिल में उभरे इन भावों को ,बाहर लाना , ज़रूरी है । रिश्तों में घुली जो कड़वाहट ,उसका भी अन्त ज़रूरी है । मन में बैठी पीड़ाओं…

  • अबसे | Abse

    अबसे ( Abse ) अबसे मैं नही सताऊं गा तुझ कोतुझ से प्यार सिखाऊंगा खुद को सास रूकसी गई जबसे सोचा थाअब उनसे दूर लेजाऊंगा खुद को हिचकीयो ने आना बंद कर दिया हैपर में कभी ना भुलाऊगा तुझको एक आरजू है मेरी तू वापस आएफिर मैं दिल मे बसाउगा तुझ को आज जो मुझे…

  • उलझे हुए हैं | Uljhe Hue Hain

    उलझे हुए हैं ( Uljhe Hue Hain ) अपने जज़्बात में उलझे हुए हैं इक मुलाकात में उलझे हुए हैं दर्द की तान, बसी है जिनमें, ऐसे नग़मात में उलझे हुए हैं चाँदनी की सी चमक है जिस में सब उसी गात में उलझे हुए हैं इससे हासिल तो नहीं होता कुछ, फिर भी सब…

  • अहसान रहेगा | Ahsan Rahega

    अहसान रहेगा ( Ahsan Rahega ) मतला– उस पर भी अभिमान रहेगा याद जिसे अहसान रहेगा हुस्ने-मतला– जिस दिल में भगवान रहेगा उस पर जग क़ुर्बान रहेगा जिस दिल में हो तू ही तू बस उसको क्या कुछ भान रहेगा मेरे आँसू पोंछ भी दे अब मेरा भी कुछ मान रहेगा जिस पर वंशीधर मोहित…

  • इरादा आप का | Irada Aapka

    इरादा आप का ( Irada Aapka ) अब इरादा आप का सरकार क्या है इस कहानी में मिरा किरदार क्या है। चंद सिक्कों में अना बिकती यहां पर और तुम कहते हो की बाज़ार क्या है। दोस्त चारागर दवा जो दे रहा तू ज़हर की उसमें बता मिक़दार क्या है। पैरवी वो मुद्दई ही कर…

  • याद आया | Yaad Aya

    याद आया ( Yaad Aya ) आज वो गुज़रा सफ़र याद आया साथ हर चलता बशर याद आया बेच बिरसे को बसे शहरों में फिर न बेटों को वो घर याद आया दूर पल में हुए थे ग़म मेरे गर्दिशों का जो समर याद आया क़त्ल कर के जो गया हसरत का संग जैसा वो…

  • तुम्हें जिस घड़ी | Tumhen Jis Ghadi

    तुम्हें जिस घड़ी ( Tumhen Jis Ghadi ) तुम्हें जिस घड़ी चश्मे नम देखते हैं। दिल ए मुज़तरिब में अलम देखते हैं। निगाहों से दिल की जो देखो तो जानो। तुम्हें किस मुह़ब्बत से हम देखते हैं नज़रबाज़ हम को समझ ले न दुनिया। ह़सीनों को हम यूं भी कम देखते हैं। अ़दू को भी…