ग़ज़ल

  • हो सब्ज़ा शाख हर | Ho Sabza Shaakh Har

    हो सब्ज़ा शाख हर ( Ho Sabza Shaakh Har ) हो सब्ज़ा शाख हर अपने चमन की इनायत चाहिए हमको गगन की नज़र दुश्मन की टेढी दिख रही है हिफ़ाज़त करनी है सबको वतन की जवानों आज माता भारती को ज़रूरत है तुम्हारे बाँकपन की ज़माना जानता है किस तरह से कमर तोड़ी है हमने…

  • हम न झेल पाएंगे | Hum na Jhel Payenge

    हम न झेल पाएंगे ( Hum na Jhel Payenge ) हर एक रंग ज़माने के आजमाएंगे I कही सुनी की धनक हम न झेल पाएंगे II हज़ार बात हज़ारों जुबान से होगी I कहाँ हरेक जुबाँ से वफ़ा निभाएंगे II सुरूर इश्क उन्हें झूठ से हुई जब से I यकीं न होगा अगर दर्द हम…

  • साथ जिनके | Ghazal Saath Jinke

    साथ जिनके ( Saath Jinke ) हाँ वही खुशनसीब होते हैं साथ जिनके हबीब होते हैं अपनी हम क्या सुनाये अब तुमको हम से पैदा गरीब होते हैं तुमने देखा न ढंग से शायद किस तरह बदनसीब होते हैं पास जिनके हो रूप की दौलत उनके लाखों रक़ीब होते हैं प्यार जिनको हुआ नहीं दिल…

  • महक जिसकी | Mahak Jiski

    महक जिसकी ( Mahak Jiski ) नशे में है जवानी लिख रही हूँ हुआ है ख़ून पानी लिख रही हूँ महक जिसकी फ़िज़ाओं में बसी है वही गुल रात रानी लिख रही हूँ उजाड़ी जिसने मेरे दिल की बस्ती उसी की शादमानी लिख रही हूँ वफ़ादारी जो शिद्दत से निभा लें वहीं हैं खानदानी लिख…

  • इंतज़ार किया | Emotional Intezaar Shayari

    इंतज़ार किया ( Intezaar kia ) पूरा तेरा हरिक क़रार किया हमने पतझड़ को भी बहार किया उसके आगे किसी की क्या चलती वक़्त ने जिसको ताजदार किया ज़ख़्मी होकर भी मैं रहूँ ज़िन्दा किस हुनर से मेरा शिकार किया दुखती रग पर ही तुम ने हाथ रखा हाय क्या मेरे ग़मगुसार किया बात उसकी…

  • बिगाड़ देती है | Ghazal Bigaad Deti Hai

    बिगाड़ देती है ( Bigaad Deti Hai ) बड़े बड़ों को ये चाहत बिगाड़ देती है ये होशमंदो को दौलत बिगाड़ देती है बढ़ावा दो न शरारत को तुम तो बच्चों की कि उनको बेजा हिमाक़त बिगाड़ देती है तुम्हारे दीद की हसरत हमेशा ही रहती हमें ये वस्ल की आदत बिगाड़ देती है गुज़रता…

  • जाइए सो जाइए | Jayie so Jayie

    जाइए सो जाइए ( Jayie so Jayie ) छोड़िए भी अब ज़राफ़त जाइए सो जाइए। हो गयी काफ़ी शरारत जाइए सो जाइए। जानेमन जान-ए-मसर्रत जाइए सो जाइए। बन्द कीजे बाबे उल्फ़त जाइए सो जाइए। नींद सा आराम दुनिया की किसी शय में नहीं नींद है अल्लाह नेअ़मत जाइए सो जाइए। मैं तो पागल हूं न…

  • अब के मौसम | Ab ke Mausam

    अब के मौसम ( Ab ke mausam ) अब  के  मौसम जो प्यार का आया तुम  पे  फिर दिल बहार का आया वक़्त   फिर  आर-पार  का  आया मसअला  जब   दिवार  का  आया मुब्तिला   थी   मैं  याद   में उसकी जब   इशारा   मुशार    का  आया पेशवाई    करो   जहां    की    तुम इज़्न    फिर   ताजदार  का  आया ये   सबा   कह   रही …

  • मुझको गुरुदेव का सहारा है | Mujhko Gurudev ka Sahara Hai

    ( 2 )  मुझको गुरुदेव का सहारा है राह में मेरी यूँ उजाला है राह टेढ़ी लगी मुझे जब भी पार गुरुदेव ने उतारा है अब नहीं डर किसी भी दरिया का हमने गुरुदेव को पुकारा है नाम गुरुदेव का लिया जैसे मुझको फिर मिल गया किनारा है नाम उनका लिए बिना अब तो मेरा…

  • दर्द के दौर में | Dard Ke Daur Mein

    दर्द के दौर में  ( Dard Ke Daur Mein ) मौत थीं सामने ज़िन्दगी चुप रही दर्द के दौर मैं हर खुशी चुप रही जिसकी आँखों ने लूटा मेरे चैन को बंद आँखें वही मुखबिरी चुप रही दीन ईमान वो बेच खाते रहे जिनके आगे मेरी बोलती चुप रही बोलियां जो बहुत बोलते थे यहाँ…