चल अकेला

चल अकेला | Geet chal akela

चल अकेला 

( Chal akela ) 

 

चल अकेला चल अकेला छोड़ मेला।
चलने में झिझकन ये कैसी जब तूं आया है अकेला।‌।चल०

कंचनजड़ित नीलमणित महल सब अध्यास हैं ये,
सत्य कंचन मनन मंथन मणि तुम्हारे पास हैं ये,
तूं अमर पथ पथिक जबकि जगत है दो-दिन का मेला।।चल०

गगनचुंबी सृंग अहं किरीट मनस मराल सो है,
तप्त मरुथल तल तलातल रसातल पाताल जो है
प्रणयपण की कुपित कामिनि वासना का खेल खेला।।चल०

महत्तत्त्व संघत्व सगणित प्रणयिका संधान न कर,
आ निकल कर गह्वरों से स्वयं ही ब्यवधान न कर,
चल निकल मत हो विकल अब तोड़ दे सारे झमेला।।चल०

समय तो एक चक्र है फिर घूम कर जायेगा,
शेष भी क्या साथ इसके घूमता रह जायेगा,
लक्ष्य तुमको है बुलाता त्याग दें अब ढेलीठेला।।चल०

 

लेखक: शेष मणि शर्मा “इलाहाबादी”
प्रा०वि०-बहेरा वि खं-महोली,
जनपद सीतापुर ( उत्तर प्रदेश।)

यह भी पढ़ें :

दिल चुराने का ये अंदाज न हो | Dil love shayari

Similar Posts

  • मैं अकेला इक काफिला हूं | Geet Main Akela

    मैं अकेला इक काफिला हूं ( Main akela ek kafila hoon )    मैं अकेला इक काफिला हूं, चलता जाता मौज में। गीत रचता नित नया, काव्य शब्द चुनता ओज के। वीरों महावीरों रणवीरों की, तरुणाई जगाने चला हूं। राष्ट्रधारा में देशभक्ति की, वीर गाथा सुनाने चला हूं। मैं अकेला इक काफिला हूं हल्दीघाटी हुंकार…

  • जल दिवस | Geet Jal Divas

    जल दिवस ( Jal Divas ) जल ही जीवन जानते हो फिर भी तुम ना मानते हो व्यर्थ बहने देते हो जल व्यर्थ बहने देते हो कपड़े बर्तन धोते समय नल नहीं बंद करते हो हाथ मुंह धोते समय नल नहीं बंद करते हो सब्जियां फल धोके पानी पेड़ों में नहीं डालते हो व्यर्थ बहने…

  • मुह़ब्बत | Muhabbat

    मुह़ब्बत ( Muhabbat ) न हीरों की खानें,न पन्नों के पर्बत। मुह़ब्बत से बढ़ कर नहीं कोई दौलत। बिना इसके कुछ भी नहीं ज़िन्दगी में। न हो यह तो क्या लुत्फ़ है बन्दगी में। यही चैन देती है हर इक नज़र को। इसी से चमकती है इन्सां की क़िस्मत। मुह़ब्बत से बढ़कर नहीं कोई दौलत।…

  • मौसम है प्यार का | Mausam hai Pyar ka

    मौसम है प्यार का ( Mausam hai pyar ka )   रूत की बहार का सावन की फुहार का। आजा सनम आ जा मौसम है प्यार का। मौसम है प्यार का प्रीत की फुहार का बस तेरे इजहार का। पायल की झंकार का मेरे दिलदार का। महकती वादियों में हसीं गुल गुलजार। खिल गया दिल…

  • होली पर हुड़दंग | Holi par Geet

    होली पर हुड़दंग ( Holi par hurdang )    मचा है होली पर हुड़दंग। मस्त महीना फागुन आया, खूब लगाओ रंग।।   नर नारी सब नाचे गाए, मन में भरी उमंग। भर पिचकारी तन पर मारी, भीगे सारा अंग।। मचा है होली पर हुड़दंग।।   गाते रसिया सब मन बसिया,  पी पी करके भंग ।…

  • जन-जन प्रेरक बापू नाम | Jan-Jan Prerak Bapu Naam

    जन-जन प्रेरक बापू नाम ( Jan-Jan Prerak Bapu Naam ) रघुपति राघव राजा राम,पतित पावन सीता राम–2अमर सदा गाँधी का नाम,जपते राम अहिंसा काम-2रघुपति राघव——– सत्य, धैर्य,प्रिय राम का नाम,व्यक्तित्व रहा चलता अविराम।सत्याग्रह आंदोलन ठान,आजाद कराया हिन्दुस्तान ,जीवन रहा जेल के नाम ,जन-जन प्रेरक बापू नाम।बापू जपते राम का नाम,जीवन पर्यन्त अहिंसा काम।रघुपति राघव—— मीठी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *