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दाने-दाने पर लिखा है नाम | Daane – Daane

दाने-दाने पर लिखा है नाम

( Daane-daane par likha hai naam ) 

 

जिसकी किस्मत में जो लिखा, आता उसके काम।
दाने-दाने पर लिखा होता, बस खाने वाले का नाम।

जो धरती पर हमें भेजता, भाग्य बनाने वाला।
सारे जग का पालनहारा, हम सबका रखवाला।

सब जीवों का पेट वो भरता, चाहे चींटी हो या गज।
काहे चिंता करे बावला, प्राणी हरि हरि नित भज।

जो चमका दे भाग्य सितारे, खोले किस्मत के ताले।
जिसके नसीब में जो लिखे, मिलती है उसे निवाले।

छप्पर फाड़ कर वो देता, रखता हम सबका ध्यान।
नीली छतरी वाला ईश्वर, बैठा हम सबका भगवान।

अपनी-अपनी किस्मत सबकी, दाने दाने पर नाम।
बांट सके ना भाग्य कोई, नर यश वैभव धन धाम।

किसको कब कितना मिलना, जान सका ना कोई।
पल में बदल जाए सितारे, मरजी उसकी जो होई।

 

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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