धन्यवाद | Dhanyavad

धन्यवाद

( Dhanyavaad )

 

जीवन में सीख लेना सदा
मदद करे कोई जब तुम्हारी
धन्यवाद तुम्हारी प्रथम जिम्मेदारी
चाहे फिर छोटा या बड़ा हो कोई
धन्यवाद करना आदत हो तुम्हारी ।।

ये जीवन हैं बहुत ही छोटा सा
जो कभी सम्मान हो तुम्हारा
दिल खोल धन्यवाद करना यारा
मिलता हर घड़ी नया ही अनुभव
धन्यवाद भरा हो जीवन तुम्हारा ।।

जो तुम्हें कोई अच्छी बात सुनाए ,
सदा ही तुम्हारा भला जो भी चाहे
जब कोई मार्गदर्शन करे तुम्हारा
उस व्यक्ति को कभी भूल न जाना
धन्यवाद करके मानवता दिखाना ।।

आशी प्रतिभा दुबे (स्वतंत्र लेखिका)
ग्वालियर – मध्य प्रदेश

dubeyashi467@gmail.com

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