दिल को | Dil ki Shayari
दिल को
( Dil ko )
बे -इंतहा,
बे – हिसाब,
बे – पनाह,
बे- पायान
प्यार है ‘ गर
दिल को
बे – इंतहा,
बे – हिसाब,
बे- पनाह,
बे -पायान
दर्द भी होता है उस
दिल को..

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )

( Dil ko )
बे -इंतहा,
बे – हिसाब,
बे – पनाह,
बे- पायान
प्यार है ‘ गर
दिल को
बे – इंतहा,
बे – हिसाब,
बे- पनाह,
बे -पायान
दर्द भी होता है उस
दिल को..

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )

मुश्किलों में हर पल ही ये वुजूद रहता है ( Mushkilon mein har pal hai ye wajood rahata hai ) मुश्किलों में हर पल ही ये वुजूद रहता है दर्द शाइरी में दिल का नूमूद रहता है रास्ता नहीं आता है नजर ख़ुशी कोई सच कहूँ यहाँ ग़म का ख़ूब दूद रहता…

है शान निराली भारत की ( Hai shaan nirali Bharat ki ) है शान निराली भारत की हर चीज है प्यारी भारत की बलिदान दिया हर सैनिक ने तकदीर सवारी भारत की हर कोई उल्फ़त से बोले मीठी है बोली भारत की अबला न समझ तू अब उसको सबला है नारी भारत की राशन…

ख़ुशी का जिंदगी पर कब असर है ( Khushi ka zindagi par kab asar hai ) ख़ुशी का जिंदगी पर कब असर है ग़मों में कट रहा मेरा सफ़र है सकूं फ़िर भी मिला मुझको न ग़म से ख़ुदा से की दुआ दिल से मगर है करुं मैं फ़ोन पर ही…

मुस्तकिल अंधेरा ( Mustaqil Andhera ) धीरे-धीरे अंधेरा गहराता जा रहा है, हर शय को यह धुंधलाता जा रहा है, दुनिया की हर रंगत स्याह हो रही है, ये काजल आँखों में समाता जा रहा है, बाहर का अंधेरा अंतर्मन पे भी छा रहा है, जीने की हरआरज़ू को यह अब खा रहा है, सोचता…

जिन्दगी ही जब मुतलक हो जाये ( Zindagi hi jab mutlak ho jaaye ) जिन्दगी ही जब मुतलक हो जाये खुद को कोई तब कैसे बचाये की कह देते थे जिन्हें हर बात वही आँख चुराये तो किसको बताये यूं काट लेते है कई, तन्हा जिन्दगी कहाँ जाये गर अपनी परछाई…

अपने मिलते अनजानों में अपने मिलते अनजानों में।। गुल भी खिलते वीरानों में।। कोई दिल को भाने वाला । मिल जाता है बेग़ानो में।। टुकड़े कर दे जो इस दिल के। कैसे रहता अरमानों में।। देखी जीवों में मोहब्बत। नफ़रत केवल ईंसानों में।। दिल दुःखाकर क्या पाओगे!…
