जगाने कौन आया है

जगाने कौन आया है | Geet

जगाने कौन आया है

( Jagane kaun aaya hai )

 

भरी बरसात में मुझको जगाने कौन आया है,
अंधेरी रात में दीपक जलाने कौन आया है।

 

ये कैसा कहर कुदरत का ये कैसा शहर मुर्दों का,
खुशियों से कहीं ज्यादा लगे प्रभाव दर्दों का।

 

जगाओ चेतना अब तो बढ़ चलो आमरण सब तो,
निराशा के भंवर से आओ आशाएं रखनी हम सबको।

 

उर के भाव में हलचल मचाने कौन आया है,
मधुर गीतों की लड़ियां सजाने कौन आया है।

 

ना अब तो उबड़ खाबड़ है ना टूटी सड़कें है कोई,
धनपतियों का जमाना है ना सरकारें है सोई।

 

दिल के टूटे तारों को बजाने कौन आया है,
अफसाना कोई प्यारा सुनाने कौन आया है।

 

?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

दीवारों के कान | Geet

Similar Posts

  • सबके संग रम जाते कृष्ण

    सबके संग रम जाते कृष्ण अँखियन मिचत रोवत आवे कृष्ण, नटखट कन्हा खूब ही भावे कृष्ण । माँ पुकार से जियरा हरसाये कृष्ण, घुटुरन बकैया-बकैया मनभावे कृष्ण ।। माटी मुंह, रज चंदन देह में लपेटे कृष्ण, क्रीड़ा करत मित्र ब्रज वीर समेटे कृष्ण । मुग्ध गोपियन, मुग्ध मैया, बाबा है, कृष्ण, पशु पक्षी मुग्ध हो…

  • जन्मदिवस की बधाई अविनाश | Happy Birthday

    जन्मदिवस की बधाई अविनाश ( Happy Birthday Avinash )    सुबह-सुबह तुम्हें एक पैगाम देना है, जन्म दिवस की तुमको बधाई देना है। गुज़रे सारी उम्र आपकी हॅंसी-खुशी से, आपकी सुबह को नया प्रकाश देना है।। सदैव ख़ुश रहो तुम यू ही अविनाश, आज सूर्योदय आपके लिए है ख़ास। गुलाब फूल लिए इन्तजार है तुम्हारा,…

  • अपना हिंदुस्तान अलग है | Hindustan par kavita

    अपना हिंदुस्तान अलग है ( Apna hindustan alag hai )   हम सब तो हैं भारतवासी वे रखते पहचान अलग।   अपना हिन्दुस्तान अलग है उनका हिन्दुस्तान अलग।।   वे  उड़ते  एरोप्लेन  से हम सब उनके रन वे हैं।   वे मक्खन हम मठा सरीखे हम पर अमर बेल वे है।।   वे तो हैं…

  • क्यों आत्महत्या | Kyon Aatmahatya

    क्यों आत्महत्या ( Kyon aatmahatya )    अपनी आकांक्षाओं का बोझ बच्चों पर डाल उनमें ना खोज अपनी असफलता की ग्लानि  उन्हें अपमानित करते रोज बैठा पूछो उनसे क्या चाहते अपनी पसंद के विषय क्यों उन पर थोपना  चाहते हो रुचि जिसमें होगी उनकी चुनकर सफल हो जाएगा धैर्य से रास्ता वो पा जायेगा जल…

  • ननिहाल | Kavita Nanihal

    ननिहाल ( Nanihal ) नानी का घर ननिहाल, छुट्टियों में मौज मनाते हैं। मां के संग में कई दिनों, हम ननिहाल हो आते हैं। मामा मामी मौसी मौसी, लाड दुलार भरपूर करते। नाना नानी हंस हंस कर, सिर पर अपने हाथ धरते। खेलकूद मटरगश्ती का, अद्भुत ठौर ठिकाना है। स्कूल की छुट्टियों में हमें, फिर…

  • सम्राटअशोक महान | Kavita Samrat Ashok

    सम्राटअशोक महान ( Samrat Ashok Mahan ) क्रांति की ताकत से, शांति का संदेश देवनांप्रिय चक्रवर्ती सम्राट, मौर्य राजवंश अनूप छवि । अखंड भारत साम्राज्य परिध, शक्ति ओज सदृश रवि । अंतर परिवर्तन बिंदु कलिंग, वरण बौद्ध धर्म नमन संजेश । क्रांति की ताकत से, शांति का संदेश ।। पितृसत्तात्मक शासन उपमा, लोक कल्याण परोपकार…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *