Geet jo tum aa jaate

जो तुम आ जाते एक बार | Geet jo tum aa jaate

जो तुम आ जाते एक बार

( Jo tum aa jaate ek baar ) 

 

 

खुशियों की आती मस्त बयार चलती प्रेम भरी फुहार
महफिले महकती रसधार बरसता हृदय स्नेह अपार
जो तुम आ जाते एक बार

 

भावों का उर उमड़ता ज्वार खिलते उपवन पुष्प हजार
सपनों का लग जाए अंबार तुम हो इस दिल का करार
प्रेम का दीप जलाएं यार चले हम चांद के उस पार
दिलबर हो तुम ही दिलदार कल कल झरता प्रेम अपार
जो तुम आ जाते एक बार

 

प्रेम के गीतों की भरमार लगता सुंदर चमन संसार
छेड़े संगीत मधुर सितार दिलों के बज उठे सब तार
गुलशन हो गए गुलजार अधरों ने लिया पुकार
आओ आओ मेरे यार खड़े हम लेकर सुमनहार
जो तुम आ जाते एक बार

 

लगे यूं छंदो की बौछार शिल्प और शब्दों की रसधार
प्रेम की परिभाषा और सार जोड़ते दो दिलों के तार
कुदरत का सुंदर श्रृंगार वादियों की छटा बहार
खुलते मन मंदिर के द्वार प्रेम का दे रहे उपहार
जो तुम आ जाते एक बार

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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