Shree Ram ki Vanshavali

घर में राम पधारे | Kavita Ghar me Ram Padhare

घर में राम पधारे

पावन दिवस जनवरी बाईस
घर में राम पधारे !
विजई हुआ ये सत्य सनातन
धन-धन भाग्य हमारे !!

बंदी बना दिया पटना में
अवध में गोली चलवाई !
धिक्कार तुम्हें छद्मवेशियों
क्या लाज तुम्भें ना आई !!

लाल हुआ सरयू का पानी
माँ का कोख उजाड़ दिया !
मानवता हो गई कलंकित
छलना का मनुहार किया !!

सत्य सनातन की रक्षा में
लाखों नें जान गंवाई!
कितनी सदियाँ बीत गई तब
मंगलमय बेला आई!!

कमर कसो ऐ देशवासियों
ऐसा दिन फिर ना आए !
सत्तालोलुप गद्दारों का
अब दाल न गलने पाए !!

‘जिज्ञासु’ जन गण अधिनायक
कलुष कूट संघारें !
सत्य अहिंसा स्नेह शांति से
भूषित भाव संवारें !!

राम-राज्य स्थापित करना
हों संकल्प हमारे
दुख दरिद्रता मिट जाए, हों
स्वस्थ सुखी जन सारे !!

पावन दिवस जनवरी बाईस
घर में राम पधारे !
विजई हुआ ये सत्य सनातन
धन-धन भाग्य हमारे !!

kamlesh

कमलेश विष्णु सिंह “जिज्ञासु”

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