हमने तो

हमने तो | Hamne to

हमने तो

हमने कुछ और ढूँढा था तुझमें
हमने समझा था
प्यार का समन्दर हो तुम
ख़बर नहीं थी
उजड़े सहरा का मंज़र हो तुम
हम तो समझे थे
कि दिल के ख़ला को भर जाओगे तुम
यह ख़बर नहीं थी
कि और भी तन्हा कर जाओगे तुम
हमने तो कुछ और ढूँढा था तुझमें

हम तो समझे थे
कि इश्क़ की हक़ीक़त हो तुम
यह ख़बर नहीं थी
कि रेत पे लिखी इबारत हो तुम

हमने तो कुछ और ढूँढा था तुझमें
हम तो समझे थे
कि प्यार पहली की शबनम हो तुम
यह ख़बर नहीं थी
कि पतझड़ का मौसम हो तुम
हमने तो कुछ और ढूँढा था तुझमें

हम तो समझे थे
कि प्यार में भीगा अहसास हो तुम
यह ख़बर नहीं थी
कि नदी नहीं सिर्फ़ प्यास हो तुम
हमने तो कुछ और ढूँढा था तुझमें

हम तो समझे थे
कि तेरी आँखों में
कशिश, प्यार का काजल होगा
यह ख़बर नहीं थी
कि तेरा दिल
अतीत के दुखों से बोझल होगा
हमने तो कुछ और ढूँढा था तुझमें

हम तो समझे थे
कि तुम्हें सिर्फ़ एक तारे से मुहब्बत है
यह ख़बर नहीं थी
कि तुम्हें तो फ़लक सारे से मुहब्बत है।

Dr Jaspreet Kaur Falak

डॉ जसप्रीत कौर फ़लक
( लुधियाना )

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • हमारा संविधान | Kavita

    हमारा संविधान ( Hamara Samvidhan ) ***** दिया है हक हमें लड़ने का बढ़ने का डटने का सपने देखने का बोलने का समानता का अपनी मर्ज़ी से पूजन शिक्षण करने का आजादी से देश घूमने का। किसी भूभाग में आने जाने का बसने और कमाने खाने का। न कोई रोक टोक न कोई भेदभाव सभी…

  • नव वर्ष | Kavita nav varsh

    नव वर्ष ( Nav varsh )     नूतन वर्ष मंगलदायक, अभिनंदन शुभ वंदन है। उमंग उल्लास भाव भरा, नववर्ष स्वागत वंदन है।   मधुर प्रेम रसधार बनो, सद्भावों की बनकर धारा। खुशियों की बरसात करो, उमड़े उर प्रेम प्यारा।   मोहक मुस्कान बन, सबके दिल पर छा जाओ। खुशियों का खजाना, प्यार के मोती…

  • Hindi Kavita On Mahatma Gandhi | गांधी बाबा थे महान

    गांधी बाबा थे महान ( Gandhi Baba The Mahan )     सत्य-अहिंसा  के  पुजारी गाँधी बाबा थे महान। दुनिया में सबसे ऊँची कर गए भारत की शान ।।   आज़ादी  के  संग्राम  के  थे  वो-एक सच्चे सिपाही। प्रेम-भाईचारे, मानवता की खातिर सदा लड़ी लड़ाई।।     उस महापुरूष को नमन् करता है सारा हिंदुस्तान…

  • निर्मल कुमार दे की कविताएं | Nirmal Kumar Dey Poetry

    रिटायरमेंट जिंदगी के सफ़र मेंकई पड़ाव आते हैंबचपन जवानी औेर बुढ़ापासबको मालूम है।एक पड़ाव है रिटायरमेंटउसकी चर्चा हम कहाँ करते है?साठ के बाद बाकी सालहम यूहीं क्यों जाने दें?अपनी ऊर्जा,अपनी ताकतक्यों हम बर्बाद करें?मन में रख विश्वाससही चिंतन के साथऐसा कुछ काम करेंखुद को मिले संतुष्टिदूसरों को भी लाभ मिले। सरस सावन वसुधा अब सरस…

  • Kavita | अपना बचपन

    अपना बचपन ( Apna Bachpan )   बेटी का मुख देख सजल लोचन हो आए, रंग बिरंगा बचपन नयनों में तिर जाए । भोर सुहानी मां की डांट से आंखे मलती, शाम सुहानी पिता के स्नेह से है ढलती। सोते जागते नयनों में स्वप्निल सपने थे, भाई बहन दादा दादी संग सब अपने थे। फ्राक…

  • सैनिक देश का अभिमान | Sainik Desh ka Abhiman

    सैनिक देश का अभिमान ( Sainik desh ka abhiman )   देश का सैनिक होता है अपने देश का अभिमान, करना देश के वासियों तुम उसका मान-सम्मान। लुटा देते है वतन के खातिर जो अपनी यह जान, करना उन पर गर्व साथियों होता देश की शान।। धन्य है वह माॅं-बाप जिन्होंने जन्मी ऐसी सन्तान, जान…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *