हारना हमको नहीं गवारा | Kavita Harna Humko Nahi

हारना हमको नहीं गवारा

( Harna Humko Nahi Gavara )

 

जोश जज्बा रखकर चलते हैं
तूफानों   में   हम   पलते  हैं
हिम्मत बदले विपरीत धारा
हारना  नहीं  हमको  गवारा

 

संस्कार कुछ ऐसे पाये हैं
लक्ष्य  साधने  हम आए हैं
अटल इरादे मानस हमारा
हारना नहीं हमको गवारा

 

तूफानों से भीड़ सकते हैं
आंधियों  में  चल सकते हैं
बढ़ने  वाला  तो कब हारा
हारना नहीं हमको गवारा

 

जीवन के अनुभव से सीखा
शौर्य पराक्रम रण कौशल को
देख   अरिदल   बदले  धारा
हारना  नहीं  हमको  गवारा

 

हर मुश्किल से लोहा लेते
हौसलों   से   बढ़ने   वाले
दुर्गम पथ हो या मझधारा
हारना नहीं हमको गवारा

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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