वहां पर कब भला मिलता है सच्चा प्यार जीवन में
(Wahan Par Kab Bhala Milta Hai Sacha Pyar Jeevan Mein )
वहां पर कब भला मिलता है सच्चा प्यार जीवन में।
जहां उम्मीद होती है सभी को यार जीवन में।।
हमेशा गुल नहीं मिलते डगर कोई चुनो बेशक।
मिलेंगे हर कदम तुम को यहां पे ख़ार जीवन में।।
किसी को क्या भला मतलब हमारे दर्दों से जग में।
उठाना आप पङता है ग़मों का भार जीवन में।।
उसी को साथ मिलता है यहां तक़दीर का इक दिन।
बुरे हालात में भी जो न माने हार जीवन में।।
उजाला आत्मा का ही “कुमार” रस्ता दिखाता है।
भरम का छा गया हो जब गहन अंधकार जीवन में।।


कवि व शायर:
मुनीश कुमार “कुमार”
(हिंदी लैक्चरर )
GSS School ढाठरथ
जींद (हरियाणा)
Desbhakti Kavita -रहे तन-मन सदा अपना वतन के वास्ते जग में
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