Holi ke Geet

खेलो रे होली | Holi ke Geet

खेलो रे होली 

( Khelo re Holi )

खेलो खेलो रे, खेलो खेलो रे,
खेलो रे होली, साथी खेलो रे !!

रंग लगाओ, सबको गले लगाओ,
मौज मनाओ भाई गुंजिया खाओ,
रंगो में रंगो के, मेल मिलाओ,
खुशियों का आनंद सब ले लो रे !

खेलो खेलो रे, खेलो खेलो रे,
खेलो रे होली, साथी खेलो रे !!

कोई काला हो या कोई गोरा,
संग संग खेल रहे छोरी छोरा,
देवर-भाभी करते जोरी-जोरा,
जी लो मन उमंग यारो भर लो रे!!

खेलो खेलो रे, खेलो खेलो रे,
खेलो रे होली, साथी खेलो रे !!

रंग बिना कोई भी छूट न जाए,
देखो कोई अपना रूठ न जाए,
रिश्तों की ये माला टूट ना जाए,
खेलो बांहो में बाहें डालो रे !!

खेलो खेलो रे, खेलो खेलो रे,
खेलो रे होली, साथी खेलो रे !!

DK Nivatiya

डी के निवातिया

यह भी पढ़ें:-

पिता के संग | Pita ke sang

Similar Posts

  • बरस रहा है | Geet Baras Raha hai

    बरस रहा है ( Baras raha hai )   बरस रहा है जड़-चेतन से,सुधियों का अनुराग । मिलन-ज्योति भी लगा रही है, राजभवन में आग।। 🥇 पाती एक न आयी उसकी, नहीं कभी संदेश । चला गया वह मनभावन क्या, जाने किस परदेश । डसा जा रहा साधक मन को, विरह क्षणों का नाग ।।…

  • आशा की काँवड़ | Geet Asha ki Kavad

    आशा की काँवड़ ( Asha ki Kavad ) चढ़ी रही आशा की काँवड़ , झुके हुए इन कंधों पर . हरियाली कुर्बान रही बस, कुछ सावन के अंधों पर . पाँवों को पथरीले पथ ने , दिए सदा मारक छाले . क्रूर काल ने क्षुधित उदर को , भी , गिनकर दिए निवाले . फूलों…

  • बरस रहा है

    बरस रहा है बरस रहा है पिचकारी से, लाल गुलाबी रंग।रंग बिरंगी बौछारों से ,पुलक उठा हर अंग।। होली होली हुरयारों का ,गूँज रहा है शोरगली-गली में नाच रहा है, मादक मन का मोरनयी उमंगे लेकर आया यह फागुन का भोरथिरक उठीं ढोलक की थापें,बाज रही है चंग।चौबारे में मचा हुआ है,होली का हुडदंग।।बरस रहा…

  • रंग रूप और गुण | Geet Rang Roop aur Gun

    रंग रूप और गुण ( Rang roop aur gun )    रंग रूप और गुण मिले जुड़े हैं दिलों के तार। अपनापन अनमोल मिले हृदय उमड़ता प्यार। धरती अंबर जब मिले बहती भावों की रसधार। उतरे चांद जमीन पे चांदनी खुशियों की फुहार। हृदय उमड़ता प्यार रंग मिले रोशन हो चेहरे, रुप मिले निखार आए।…

  • सांवरिया बेगो आज्या रे | Saawariya Rajsthani Geet

    सांवरिया बेगो आज्या रे ( Saawariya Bego Aajya Re )  सांवरिया बेगो आज्या रे,सांवरिया बेगो आज्या रे होळी म खेलां फाग, आयकै रंग बरसा ज्या रे। सांवरिया बेगो आज्या रे तेरी बंसी सुनकै राधा, दौड़ी दौड़ी आज्यावै। लहरा लेव जठै गोपियां, मधुबन सगळो महकावै। मदन मुरारी नटवर नागर, प्रित रंग लगा ज्या रे। कृष्ण कन्हैया…

  • भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ

    भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ भेद भाव के पथ को त्यागेंचलो चलें हम कुंभ नहाएँ ।संत जनों का पुण्य समागम,भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ ।। गंगा यमुना सरस्वती सेसारे जग की प्रीति पुरानी ।रात लगे रानी दिन राजाशुभ संगम की अमर कहानी।। सत्य सनातन भारत की जयसंस्कृति अपनी तुम्हें दिखाएँ ।चलो चले हम कुंभ नहाएँ ।। साधु…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *