आई लव आरटीसी जोधपुर

आई लव आरटीसी जोधपुर

आई लव आरटीसी जोधपुर

अब बनने जा रहें है हम भी अधिनस्थ अधिकारी,
जिसके लिए कर रहें है हम दिन और रात तैयारी‌।
कर दिया है केरिपु बल ने आदेश इसका ये जारी,
वक्त निरन्तर निकल रहा बढ़ेगी अब जिम्मेदारी।।

कभी ना सोचा हमने सपने में लगेगा यह सितारा,
मुश्किल राहें क़दम डगमगाएं पर हिम्मत न हारा।
समझा मेंने सबको यारा कोई हाल न पूछें हमारा,
नयी सुबह की तलाश में घूमता रहा मारा-मारा।।

रिक्रूट प्रशिक्षण केन्द्र है वह पावन जोधपुर धरती,
जीवन ज्यौति यहां किरणों में सदैव ही झलकती।
ज्ञान, गति, संयम पाता यहां अनुभव मिलता नया,
मंडलनाथ बाबा की कृपा यहां सब पर बरसती।।

समय-समय पर विश्वकर्मा जी रास्ता हमें दिखाते,
खाली हाथ आते है दर पर वो झोली भरके जाते।
हार के कभी निराशा न लाना चाहें बीते दिन रातें,
कठिन परिश्रम-दृढ़ संकल्प से सफलताऍं पाते।।

निंद्रा मारकर जागे‌ है हम देखें है दिन में भी तारा,
सही वक्त जब तक न आएं ख़ुशी रहती किनारा।
विशेष बनेगा अब हमारा बचा हुआ जीवन सारा,
आई लव आर टी सी जोधपुर यही हमारा नारा।।

रचनाकार : गणपत लाल उदय

अजमेर ( राजस्थान )

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