भारतीय संस्कृति और सभ्यता

भारतीय संस्कृति और सभ्यता

 

हमारी संस्कृति है महान
देवताओं का वरदान l
सरलता सादगी में
आता है जीना l
छोटी-छोटी बातों
छोटी-छोटी खुशियों की
हमें कोई कमी ना।

वृक्ष ,पर्वत, नदियों से
है गहरा नाता l
कण-कण में हमें
ईश्वर है नजर आता l
जहां पराया दुख
अपना लगता हैl
भाईचारे का
रखे सबसे रिश्ता हैl

जहां बालक खेले
सिंहों के साथ
गाय जहां
हमारी माता है l
वेद पुराणों की
गूंजे वाणी l
ईश्वर स्वरूप
है हरेक प्राणी l

जीने की राह दिखाए
हमारी गीता
भक्तिभाव ,आदर्श सिखाए
हमें माता सीता
ब्रह्मा,विष्णु,महेश
उनको जान
माता-पिता को
तू रामायण मान

हनुमंत सा जहाँ गुरु
भारत लखन सा
जहाँ भाई है l
सिंहासन पर रखा
चरण पादुका
और राज रखा
ह्रदय में अयोध्या
आरोप कोई कुछ भी
लगाता है लगता रहे
जनता तो
नारी को भी
त्यागना आता है l

रख सर माथे
शास्त्र का
करे बखान l
उठा शस्त्र
धर्म की रक्षा को
दुष्टों को सजा
देने का रख विधान l

विश्व बंधुत्व भाव में
हमारी संस्कृति समाई
सबको मानते हैं
हम अपना भाई
भारत की संस्कृति है महान
हमने दुनिया को
दिया यह दिव्य ज्ञान l

राजेंद्र कुमार रुंगटा
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

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