Karva chauth par kavita

करवा चौथ मनाऊ मै | Karva chauth par kavita

करवा चौथ मनाऊ मै

( Karva chauth manaun main )

 

करवा चौथ मनाऊं मै
करवे को सजाऊ मैं
गणेश का पूजन कर
दूर्वा उन्हें चढ़ाऊ मैं
एड़ी में लगा आलता
सिंदूर मांग सजाऊ मै
पांव में बिछिया माथे बिंदी
मेहंदी हाथ रचाऊ मै
लाल चुनरिया ओढ़ के
गीत खुशी के गाऊ मै
धूप दीप नैवेद्य चढ़ाऊ
कर्वे से अर्ग लगाऊं में
चौथ की कहूं कथा
छलनी से दर्शन पाऊ में
हाथ भरे चूड़ी से
पैजनिया छनकाऊ मै
अखंड सौभाग्य पा कर
जीवन सफल बनाऊ मै
बना रहे सुहाग सदा
ऐसा वर ही पाऊं मै
डोली आई थी आंगन
कंधे तेरे जाऊं मैं

❣️

डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार
टीकमगढ़ ( मध्य प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

बड़े लोग | Kavita bade log

 

Similar Posts

  • वक्त | Poem waqt

    वक्त ( Waqt )   वक्त से ना बड़ा कोई पहले हुआ, वक्त से ना बड़ा कोई हो पायेगा। वक्त से कोई पहले हँस ना सका, वक्त से कोई पहले ना रो पायेगा।।   ना किसी के लिए रुका है कभी ना किसी के लिए झुका है कभी उसके अंतस में क्या है समझ न…

  • Geet by Dr. Alka Arora | यादें यूँ भी पुरानी चली आई

    यादें यूँ भी पुरानी चली आई ( Yaaden Yoon Bhi Purani Chali Aai )     मन की बाते बताये तुम्हें क्या है ये पहली मुहब्बत हमारी भले दिन थे वो गुजरे जमाने मीठी मीठी सी अग्न लगाई   हम तो डरते हैं नजदीक आके जान ले लो – ऐ जान हमारी कब से बैठे…

  • फूल और कांटे | Phool aur kaante | Kavita

    फूल और कांटे ( Phool aur kaante )   सदा रहो मुस्काते राही नित पथ में बढ़ते जाना बाधाओं का काम रोकना निरंतर चलते जाना   फूल और कांटे जीवन में सुख दुख आते जाते संघर्षों में पलने वाले सौरभ भरकर मुस्काते   पुष्प की सुंदरता को हम दूर से निहारा करते कांटो से सुरक्षा…

  • सुलग रही है | Kavita Sulag Rahi Hai

    सुलग रही है ( Sulag Rahi Hai ) सुलग रही है मातृभूमि के ,सीने पर चिंगारी । आज उऋण होने की कर लें ,हम पूरी तैयारी ।। जगह जगह बारूद बिछी है ,जगह जगह हैं शोले ग़द्दारों को थमा दिये हैं,दुश्मन ने हथगोले लूटपाट क्या ख़ून खराबा, सब इनसे करवा कर भरता है वो अभिलाषा…

  • खोखले शब्द | Khokhale Shabd

    खोखले शब्द ( Khokhale shabd )   शब्द कोष मे ऐसे शब्द हैं ही नहीं की जो भूख से ऐंठती अंतड़ियों के दर्द भूख से रोते बिलखते बच्चों की याचना भरी दृष्टि खाली पड़े बर्तनों की खन खनाहट को शब्दों में व्यक्त कर सकें वो शब्द ही नही बने जो ऐसी स्थिति में मां को…

  • सावन महीना | Sawan Mahina par Kavita

    सावन महीना ( Sawan Mahina )    सावन महीना अति विशेष प्रेम ,साधना , पूजा का अशेष ( संपूर्ण ) भक्त करते भक्ति भगवन की निरंतर होता जल अभिषेक।। अनोखी घटा निराली देखो सावन की खुशहाली देखो बदरिया पहने बूंदों के हार अंबर से बरसे प्रेम की फुहार।। रिमझिम रिमझिम सावन माह में कांवरिया जल…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *