Hanuman Ji par Kavita

हनुमान जयंती | Kavita Hanuman Jayanti

हनुमान जयंती

( Hanuman Jayanti )

 

बल बुद्धि विद्या वृष्टि, हनुमंत साधना भक्ति से

कलयुग साक्षात देव अनुपमा,
भक्तजन सर्व दुःख कष्ट हर्ता ।
अनंत सद्य मंगल फलदायक,
कर्म धर्म मनोरथ पूर्ण कर्ता ।
अंजनी सुत जन्मोत्सव बेला,
सर्वत्र आनंद आराधना स्तुति से ।
बल बुद्धि विद्या वृष्टि, हनुमंत साधना भक्ति से ।।

चैत्र शुक्ल पूर्णिमा अनुपम,
पवन पुत्र अवतरण तिथि ।
उत्सविक प्रभा मानस मंदिर ,
अलौकिक स्पंदन अंतर परिधि ।
संगीतमय पाठ रामेष्ट श्री चरण,
भजन कीर्तन स्वर ओज युक्ति से ।
बल बुद्धि विद्या वृष्टि, हनुमंत साधना भक्ति से ।।

पिता वायु मात अंजनी सह,
भार्या सुवर्चला मोहक उपमा ।
अति शोभित प्रभु राम सेवक,
लक्ष्मण प्राण दाता निरुपमा ।
प्रभा जानकी शोक विनाशन ,
सिय खोज उदधिक्रमण युक्ति से ।
बल बुद्धि विद्या वृष्टि, हनुमंत साधना भक्ति से ।।

विष्णु एकादश अवतार बिंब,
फाल्गुन सुख अनूप छवि ।
अमित विक्रम दिव्य व्यंजना,
पिंगाक्ष नयन वर्ण आभा नवि।
विधिवत पूजन काज बाला जी ,
जीवन सुरभित सुख समृद्धि शक्ति से ।
बल बुद्धि विद्या वृष्टि, हनुमंत साधना भक्ति से ।।

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

Similar Posts

  • hindi poetry on life || अशांत मन

    अशांत मन ( Ashant Man )   शांत प्रकृति आज उद्वेलित, हृदय को कर रही है। वेदना कोमल हृदय की, अश्रु बन कर बह रही है।   चाहती हूं खोद के पर्वत, बना नई राह दूं । स्वर्ण आभूषण में जकड़ी, जंग सी एक लड़ रही हूं।   घूघंटो के खोल पट, झांकू खुले आकाश…

  • सिंदूर

    सिंदूर   वक्त की चकाचौंधी इतनी भी मंजूर न कर। तेरा सिंदूर हूं तूं सर मुझे दूर न कर।।   दीखता चुटकियों में हूं मगर विशाल हूं मै, हर एक रंग समेटे हुये पर लाल हूं मै।, तेरा श्रृंगार हूं तूं कांच जैसे चूर न कर।।तेरा सिंदूर ०   नीले गगन मे सूर्य की चमक…

  • जानकी वल्लभ श्री राम | Janaki Vallabh Shri Ram

    जानकी वल्लभ श्री राम ( Janaki Vallabh Shri Ram )   अवध के राज्य सिंहासन पर होंगे फिर श्री राम विराजमान संग में लक्ष्मण जानकी और परम भक्त श्री हनुमान वह नगरी मर्यादा पुरुषोत्तम राम की बसी तट सरयू के जान कौशल्या सुत, दशरथ नंदन रहे सनातन के प्राण धीर , गंभीर , शील और…

  • 5 सितम्बर पर सुन्दर कविता | Teachers Day Special Poem

    5 सितम्बर पर सुन्दर कविता ( Teachers Day Special Poem ) अंधकार जीवन में दीपक जलाता। सत्य की राह पर जो है चलाता।। अच्छाई का जो पाठ है पढ़ाता। इंसान को इंसान जो है बनाता।। जिसका हर कोई करता है सम्मान। उसका हम सब करे हैं गुणगान।। अंधकार हमारे जीवन से मिटाया। शिक्षक ने कलम…

  • पगडंडी | Hindi kavita

    पगडंडी ( Pagdandi )   पगडंडी वो रस्ता है, जो मंजिल को ले जाती है। उबड़ खाबड़ हो भले, मन को सुकून दिलाती है।   शहरों की सड़कों से ज्यादा, प्यारी लगे पगडंडी। प्रदूषण का नाम नहीं है, बहती हवा ठंडी ठंडी।   पगडंडी पर प्रेम बरसता, सद्भावो की धारा भी। हरी भरी हरियाली से,…

  • मासूमियत | Masoomiyat par Kavita

    मासूमियत ( Masoomiyat )    मासूम सी वो भोली भाली सूरत वो अल्हड़पन इठलाता सा निश्चल निर्भीक मासूमियत चेहरा कोई अनजाना सा दुनिया के आडंबर से दूर अपने आप में मशगूल बेखबर जहां के दुष्चक्रो से खिलता सा प्यारा फूल मधुर सी मिठास घोलता प्यार भरे मृदु वचन बोलता मासूमियत भरी नैनों में लगा बचपन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *