Kavita hasna zaroori hai.jpg

हंसना जरूरी है | Kavita hasna zaroori hai

हंसना जरूरी है

( Hasna zaroori hai ) 

 

 

हॅंसना आसान है दुनियां में,

पर हॅंसाना बहुत कठिन दुनियां में।

हॅंसना है स्वास्थ्य का भी राज,

हॅंसना है चाहें कोई हो बीमार ।।

 

हॅंसने से कम होते है रोग,

हॅंसने वाले सभी रहते निरोग।

छोटे और बड़े हॅंसे सब खुलके,

काम भी करे सभी वो हॅंसके ।।

 

जानी लीवर, असरानी, जगदीप,

राजपाल, राजू, टोनी, संदीप ।

अच्छी खासी कीमत ये लेते,

इनको देखने लोग थियेटर में जाते।।

 

हॅंसता और हॅंसाता है कपिल,

नाम आज कमा लिया है कपिल।

नवजोत सुमोना गुलाटी व सुनील,

अर्चना, भारती, कीकू कॉमेडी किंग ।।

 

ना रोते रहो नही उदास रहो,

काम अपने सारे हॅंसकर ही करों।

डॉक्टर भी बताते है स्वस्थ की दवा,

हॅंसना है रोग की सबसे बड़ी दवा ।।

 

दिल-दिमाग हो जाता है दुरूस्त,

भूख-प्यास भी फिर लगती दुरूस्त ।

लिखी है कविता आज में गणपत,

हॅंसते रहो यारों सभी रहो स्वस्थ ।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

Similar Posts

  • राजेंद्र रुंगटा की कविताएं | Rajendra Rungta Hindi Poetry

    गुरु कृपा दाता वाह ,बड़ी अद्भुत रचना।ननकी राम, सिखाए क्या लिखना।।दीदी कनक, त्रुटि सुधारा करती।दीदी पटल,सभी का मन भरती।। अच्छे कर्म ,करे गुरुवर चमके।गुरु हो साथ ,यश तुम्हारा दमके।।जय-जय साथ,धरो पद शीश लगा।अंबे मात, उदित हो भाग्य सदा।। जगमग तेज,गगन उड़गण चमके।चमके चांद, खिला मंज़र दमके।।गरजे मेघ, जलज छम-छम बरसे।शुष्क जमीन , धरा बिन जल…

  • बांहों में | Poem on bahon mein

    बांहों में ( Bahon mein )   धरा गगन से कह रही लो आ गया मधुमास प्रियतम ले लो बाहों में मदमाता बसंत खास   लिपट लता सी प्रीत भरे कुदरत करती श्रंगार आलिंगन आतुर सरिताये चली सिंधु के द्वार   दीपक बाती का मिलन जग रोशन हो सारा प्रेम की रसधार बहती ऐसा हो…

  • रक्षक

    रक्षक जन्म लेकर जब वह आंख खोलती है देख कर दुनिया जाने क्या सोचती है   भरकर बाहों में है प्यार से उठाता शायद इसे ही मां कहा जाता   चारों तरफ है लोगों की भीड़ किससे कौन सा रिश्ता नाता   कोई भाई, चाचा कोई तो कोई मेरा पिता कहलाता मैं तो ढूंढूं उसे…

  • कुंडली | Kundali par Kavita

    कुंडली ( Kundali )   आम जनता झेल रही विकट समय की मार कोरोना ने कर दिया जग का बंटाधार जग का बंटाधार कहर कोरोना बनकर डसता जहरी नाग कालिया जन को तनकर कह सोनी कविराय जगत का जीना हराम कैसी आई लहर संकट में पिसता आम   कवि : रमाकांत सोनी नवलगढ़ जिला झुंझुनू (…

  • नाचो-नाचो-नाचो रे | Poem Nacho-Nacho

    नाचो-नाचो-नाचो रे! ( Nacho-Nacho-Nacho Re )    नाचो-नाचो-नाचो रे! भोर भए तक नाचो रे! नाचो कुंवारे- नाचो कुंवारी, प्यासा रहे न आँखों का पानी। नाचो-नाचो-नाचो रे! भोर भए तक नाचो रे! झरने पे नाचो,पानी पे नाचो, लहरों की उठती जवानी पे नाचो। प्यासी है दरिया,प्यासा है सावन, बादल की मेहरबानी पे नाचो। काँटों पे नाचो…

  • आदिवासी पटेलिया समाज

    आदिवासी पटेलिया समाज परथी भाई भूरा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ( गांव-मालमसुरी,रिगोंल, भाबरा जिला अलीराजपुर मध्यप्रदेश ) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महान।सब समाज करते उनका सम्मान।।यह युवा प्रेरणा दिवस उनके नाम।हिंदुस्तान की थे वो शान।।देश की संस्कृति को बचाया।हिंदुस्तान का मान बढ़ाया।।सच रहा पर वो सदा चले।धार्मिक का पाठ सबको पढ़ाया।।गरीब की मदद करो बताया।दिलों में देश…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *