ख़ुशी की ख़ुदा वो बहार दें !
ख़ुशी की ख़ुदा वो बहार दें !

ख़ुशी की ख़ुदा वो बहार दें !

 

ख़ुशी की ख़ुदा वो बहार दें!

नहीं और ग़म का  ख़ुमार दें

 

सनम लौट आ घर मुझे मिलनें

न तू और यूं इन्तजार दें

 

सभी दुख दिल से भूल जाऊं मैं

कितना जिंदगी में तू प्यार दें

 

न अहसास हो बेवफ़ा का ही

वफ़ा तू मुझे बेशुमार दें

 

न दें दुश्मनी का मुझे गुल तू

मुझे दोस्ती का गुल यार दें

 

न करना दग़ा तू मुहब्बत में

हमेशा मुझे फूल प्यार दें

 

भुला यादें दिल से ही आज़म के

ख़ुदा दिल को मेरे क़रार दें

 

 

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शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

 

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