इश्क़ ए जुनूँ. ( Ishq – e – Junoon ) दिले कैफियत में तुम्हारी खैरियत मिलाए बैठे हैं अपने अर्श में तुम्हारा अक्स मिलाए बैठे हैं क्या हुआ जो आसमाँ का चाँद हो तुम साहब फिर भी शिद्दत से तुम्ही पर नज़रें गड़ाए बैठे है। इश्क़ जुनून बना है जाने क्या असर ये…
मोहब्बत की दरिया ( Mohabbat ki Dariya ) अदाओं का तेरा खजाना चाहता हूँ, जवानी का तेरा तराना चाहता हूँ। चलती जिधर फूल खिलते उधर ही, रजा चलके खुद जानना चाहता हूँ। दीवानगी कुछ चढ़ी इस कदर है, कदमों में आँखें बिछाना चाहता हूँ। भीगी-भीगी रातें जलाती हैं मुझको, लगी आग को मैं बुझाना…
सजा ( Saza ) मेरी गलतियों की मुझको सजा दे गया, बेवफा था मुझे वो दगा दे गया। क्या बताए हमें क्या सजा दे गया, मेरी खुशियों के सपने जला के गया। आइने सा ये दिल तोड कर चल दिया, इतने टुकडे किये कि मैं गिन ना सका। …
याद आज़म को बहुत ही आ रही है आपकी ( Yaad azam ko bahut hi aa rahi hai aapki ) याद आज़म को बहुत ही आ रही है आपकी ज़िन्दगी में रोज़ ही लगती कमी है आपकी इसलिये तो हम चले आये नगर मिलने तुम्हें की ख़बर कुछ भी नहीं हमदम मिली…
पहला प्यार (Pahla Pyar ) हृदय को तोड बताओ ना, कैसे तुम हँस लेते हो, बिना सोचे समझे कुछ भी तुम, मुझसे कह देते हो। प्यार करते है तुमसे पर, मेरे भी कुछ अरमां है, जिसे कदमों से मसल कर,जब जी चाहे चल देते हो। क्या मेरे दिल की बातें, तेरे दिल…
देखा है जब से तुम्हें ( Dekha hai jab se tumhe ) देखा है जब से तुम्हें दिल में ख़ुशी है बहुत ये आजकल धड़कनों में बेकली है बहुत मैं सच कहूं भूल पाया ही नहीं हूँ तुझको तुझसे मुझे आज भी ये आशिक़ी है बहुत जो कल तलक था मेरा दुश्मन…