मैं अछूत हूं | Main Achut Hoon
मैं अछूत हूं
( Main achut hoon )


( Main achut hoon )


अन्तर्द्वन्द्व ( Antardwand ) मन जब अन्तर्द्वन्द से घिर जाये, तब हार न जायें जीवन में। हार न जायें जीवन में। कोयल सी वाणी जब कौए की भाँति कानों को चुभ जाये, हृदय की विदीर्णता पर जब कोई लेप न लगाये। टूटती आस जब बचाने को कोई हाथ पंख ना बन पाये, सफलता की…


छोटी सी बात ( Chhoti si baat ) छोटी सी बात राई का पहाड़ बन गई। टूट गई घर की दीवारें तलवारें तन गई। जमीन का बंटवारा होना दिल बंट गए। अपनापन लाड प्यार दिलों से घट गए। मां-बाप औलाद का ताकते रहे चेहरा। गाढ़ी कमाई तिजोरी पे भी लगा पहरा। संयुक्त परिवार यहां…

मां का दर्द ( Maa ka dard ) संसार में कोई ऐसी दवा नहीं , जो मां का दर्द दूर कर सके। आठों पहर जो स्वयं को भुलाए, दूसरों के दुख की चिंता करती। उसकी भूख खत्म सी हो गई, बच्चों को पीड़ा से कराहते देख। मातृत्व के समान इस जग में, कोई और…

विचारों की शुद्धता ( Vicharo ki shuddhta ) विचारों की शुद्धता से हर नजरिया बदल जाता हैं। जीवन का कठिन से कठिन समय भी हंसते-हंसते कट जाता हैं। यह विचार ही तो है। जो हमें अच्छे बुरे सही गलत, यश अपयश के बारे में बताते है। एक राष्ट्र भी न जाने कितने समूहों, समुदायों,से…

मन का राजमहल खाली है ( Man ka rajmahal kahan hai ) मन का राजमहल खाली है, खुशियों की बहार बनो। महका दो मन की बगिया, आकर तुम गुलजार करो। बन जाओ मन की मलिका, महलों की प्राचीर कहे। दिल का सिंहासन खाली है, आकर तुम श्रंगार करो। महक उठी है मन की वादियां,…