Main kavita ki hunkaro se

मैं कविता की हूंकारो से | Kavita

मैं कविता की हूंकारो से

( Main kavita ki hunkaro se )

 

 

मैं कविता की हूंकारो से, गगन उठाया करता हूं।
सोया सिंह जंगल का राजा, शेर जगाया करता हूं।

 

मात पिता गुरु की सेवा का, धर्म बताया करता हूं।
अतिथि देवन हमारे, सम्मान जताया करता हूं।

 

शब्दाक्षर से अल्फाजों में, जोश जगाया करता हूं।
खुशबूओं सी महकती, मस्त बयार गाया करता हूं।

 

वाणी का आराधक बन, दीप जलाया करता हूं।
मन मंदिर में पूजन का, थाल सजाया करता हूं।

 

दीन हीन राहों में मिलते, गले लगाया करता हूं।
मनमौजी दुर्गम पथ पर, भाव सजाया करता हूं।

 

सिंधु की लहरों से मन में, उमंग जगाया करता हूं।
पावन गंगा धारा सी, कविता मैं गाया करता हूं।

 

कब आएंगे राम हमारे, मैं राह सजाया करता हूं।
सुंदर शब्द सुमन लेकर, पथ में बिछाया करता हूं।

 

   ?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

छठ मैया | Chhath kavita

 

Similar Posts

  • दुलार | Poem dulaar

    दुलार ( Dulaar )     नन्ना मुन्ना राजदुलारा, सबकी आंखों का तारा। आशाओं भरा सितारा, खुशियों का खजाना सारा।   खुशी की शुभ घड़ी आई, घर-घर बंट रही बधाई‌। दादी अम्मा को दुहाई, किलकारी सबके मन भाई। बधाई हो बधाई,बधाई हो बधाई।   नटखट बालक इठलाता, मोहक मोहक मुस्काता। कृष्ण कन्हैया सलोना, ठुमक ठुमक…

  • अनलाॅक 4.0 | Kavita unlock 4.0

    अनलाॅक 4.0 ( Unlock 4.0 ) *** लाॅकडाउन से छुटकारा मिला है, कोरोना से नहीं! बाजार जाएं शौक से पर बरतें सावधानियां कई? बात नहीं है कोई नई, सारी हैं वही। लापरवाही पड़ सकती है भारी, निकल जाएगी सारी होशियारी। संक्रमण से रहना है बचकर, तो निकलो मास्क पहनकर। व्यक्तिगत दूरी का भी रखें ख्याल,…

  • वास्तविक माया समय व श्वास | Vastavik Maya

    वास्तविक माया समय व श्वास ( Vastavik maya samay wa swas )    चाहें पेड़-पौधे जीव-जन्तु अथवा कोई भी इंसान, इसी प्रकृति से हम है और हमसे ही इनकी शान। कुछ भी तो नही मांगती प्रकृति सदैव देती रहती, अपना‌ सर्वस्व लुटाकर भी समझती है यह शान।। जिसने जो भी खेतों में बोया वह वैसा…

  • परमपिता ब्रह्मदेव | Brahma ji par kavita

    परमपिता ब्रह्मदेव ( Param Pita Brahma Dev )    सनातन धर्म के अनुसार आप है सृजन के देव, तीनों प्रमुख देवताओं में आप एक है ब्रह्मदेव। वेदव्यास द्वारा लिखें पुराण में है आपका लेख, चतुर्भुज और चतुर्मखी भगवान आप ब्रह्मदेव।।   यू तों आपका ब्रह्मदेव जग में ढ़ेर सारा है नाम, सृष्टि-की रचना करनें का…

  • अनोखा फैसला

    अनोखा फैसला **** सुन आई हंसी और हुआ आश्चर्य जब फैसला सुनाया गया भाई! मुझसे तो ना रहा गया दुनिया का अनोखा और संभवतः इकलौता है मामला पहले भी आपने बाबरी मस्जिद विध्वंस जेसिका हत्याकांड और न जाने कितने फैसले देखे सुने होंगे, आश्चर्यचकित भी हुए होंगे! एक और फैसला आया है- जिसमें इंसान हुआ…

  • मैं सैनिक हूँ | Sainik par kavita

    मैं सैनिक हूँ  ( Main sainik hoon )    मैं हूॅं भारतीय  सेना का वीर, आग हवा कांटे चाहें हो नीर। सर्दी गर्मी चाहे वर्षा चले घोर, रखता सदा रायफल सिर मोर।।   चाहें हो जाऍं सुबह से शाम, करता नही कभी में आराम। घुसनें न दूं दुश्मन अपनी और, हो जाऍं  रात  चाहे फिर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *