मीरा की कृष्ण भक्ति | Meera ki Krishan Bhakti

मीरा की कृष्ण भक्ति

( Meera ki krishan bhakti )

 

मीरा की कृष्ण भक्ति,माधुर्य का सरित प्रवाह

राठौड़ वंश अति शोभित,
मीरा अप्रतिम अवतरण ।
प्रस्फुटित उपासना भाव,
पुनीत पावन अंतःकरण ।
विष पात्र सहर्ष स्वीकार,
भान कर अमृत अथाह ।
मीरा की कृष्ण भक्ति,माधुर्य का सरित प्रवाह ।।

राणा रतन सिंह दिव्य सुता ,
भक्ति भाव अद्भुत चमत्कारी ।
दाम्पत्य सुख अभिव्यंजना ,
कृष्ण स्नेह प्रेम अवतारी ।
अखंड जप तप साधना ,
मेवाड़ धरा साक्षात गवाह ।
मीरा की कृष्ण भक्ति ,माधुर्य का सरित प्रवाह ।।

तज सारे सांसारिक बंधन,
समर्पण कृष्ण प्रेम वंदन ।
विरक्त राजसी सुख वैभव,
कृष्णा नाम जीवन मंडन।
प्रति पल ह्रदय स्पंदन,
कृष्ण स्तुति यज्ञ स्वाह ।
मीरा की कृष्ण भक्ति ,माधुर्य का सरित प्रवाह ।।

उन्नत ऊर्जस्वित लेखनी,
अनूप प्रेरक काव्य श्रृंगार
नेह रमा कर देह अंतर,
श्री मुख अलौकिक निखार ।
हर सांस संग असीम चाह ,
कृष्ण प्रेम शब्द स्वर पनाह ।
मीरा की कृष्ण भक्ति,माधुर्य का सरित प्रवाह।।

 

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

यह भी पढ़ें :-

कमल | Poem on Kamal ka Phool in Hindi

Similar Posts

  • ऐसा कौन करता है | Kavita

    ऐसा कौन करता है? ( Aisa kon karta hai )   तीव्र ज्वर में, भीषण दर्द में। घर में घर पर ही- जो कोई अपना पुकारे, क्या छोड़ देंगे उसे ईश्वर के सहारे? पीड़ा से भरा वह चीख रहा था, नजरों से अपनों को ढ़ूंढ़ रहा था। सभी थे पास, फर्क ना पड़ रहा था…

  • परीक्षा | Pareeksha par kavita

    परीक्षा ( Pareeksha ) *** मन से , बिना मन से। पास होने के उल्लास, फेल होने की गुंजाइशों के साथ। इंसान को , देनी ही पड़ती है परीक्षा! विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों आयोगों में- इसके लिए विधिवत रूटिन/कैलेंडर होता है, समयानुसार परीक्षा आयोजित होता है। नियत समय पर परिणाम हैं आते, परीक्षार्थी पास/फेल हैं होते।…

  • याद न जाये, बीते दिनों की | Yaad Na Jaye

    याद न जाये, बीते दिनों की ( Yaad Na Jaye Beete Dinon Ki )   बैठी हूँ नील अम्बर के तले अपनी स्मृतियों की चादर को ओढ़े जैसे हरी-भरी वादियों के नीचे एक मनमोहक घटा छा जाती है। मन में एक लहर-सी उठ जाती है जैसे कोई नर्म घास के बिछौनों पर कोई मंद पवन…

  • लिखो एक नया इतिहास | Likho ek Naya Itihaas

    लिखो एक नया इतिहास ( Likho ek naya itihaas )   लिखो एक नया इतिहास,उत्साह उमंग जोश से अद्भुत अनूप मनुज जीवन, ईश्वर अनमोल उपहार । आर्त अनंत अलौकिकता, रग रग प्रसूनी बहार । परिश्रमी तपनें मिटाती, असंभवता जीवनकोश से । लिखो एक नया इतिहास,उत्साह उमंग जोश से ।। नतमस्तक वृहत बाधाएं, घनिष्ठ मित्र आत्मविश्वास…

  • हरि की माया | Poem hari ki maya

    हरि की माया ( Hari ki maya ) धुंध रहा ना बचा कोहरा,पर शक का साया गहरा है। अपनों पर विश्वास बचा ना,मन पे किसका पहरा हैं। बार बार उलझा रहता हैं, मन उसका हर आहट पे, जाने कब विश्वास को छल दे,संसय का पल गहरा है। मन स्थिर कैसे होगा जब, चौकन्ना हरदम रहते।…

  • वाह रे अभिनेता महान | Kavita Wah re Abhineta Mahan

    वाह रे अभिनेता महान ( Wah re abhineta mahan )    बड़े-बड़े अदाकारा बड़े-बड़े अभिनेता कर रहे विज्ञापन पियो कोकोकोला और खेलो रम्मी समय नष्ट करने मस्तिष्क में बसा है एक मायाजाल चकित भ्रमित रहा उम्र का नहीं ख्याल माता पिता के बैलेंस धीरे-धीरे खत्म करा बच्चे डूब गए इसमें उम्र गुजार देते है वह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *