मेरे मुरारी

मेरे मुरारी | Mere Murari

मेरे मुरारी

( Mere murari ) 

 

मेरे मुरारी तुम्हारे आने से सावन झूम उठा है
जिस भी गली जाऊ तुम ही हो
तुम्हारे नाम की गूंज बज रही है
हर तरफ कान्हा कान्हा का शोर है

सुना है तुम्हारा आगमन हो रहा
तुम्हारे स्वागत में सब जुड़ गए है
सावन के महीने में तुम्हारा आना
यह मास अधिक पावन बना देता है

तुम्हारे लिए माखन बनाना है
गैया को चराने ले जाना है
और तुम्हारे आने की भी गुंज है
सब तरफ तुम्हारे आने का त्योहार है

विश्वास है मुझे तुम्हारे आने से सावन मोहित होगा
सावन का यह पर्व झूम उठेगा
कान्हा तुम्हारे आते ही मैं तुमसे लिपट जाऊंगी
सुख दुख की कहानी तुम्हे बताऊंगी

तुम्हारे आने से झूम जाएगा यह संसार
यह मिलाप लाएगा अगणित खुशियों का
पूरा सावन प्रफुलित हो जाएगा
खुशियों से भरा तुम्हारा आना होगा कान्हा

मेरे मुरारी इंतजार है तुम्हारे आने का
तुमसे जुड़ी हर बात का
इस जन्माष्टमी महोत्सव मनमोहित हो सारा जग
तुम्हारे नाम में खो जाए सम्पूर्ण यह पर्व ।

 

पायल कामडी
तलोधी(बा.), चंद्रपुर
( महाराष्ट्र )

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