मूल्य | Muly

मूल्य

( Muly ) 

 

रात हो अंधेरी सागर हो गहरा
भटकी हुई नैया का दूर हो किनारा
साहिल मे तब भी बाकी हो हिम्मत अगर
तो हवा भी बन जाती है उसका सहारा

हौसले से किनारा कभी दूर नहीं होता
ठान ही लिया हो जिसने वह मजबूर नहीं होता
धाराओं का तो काम ही बरसाना है नभ में
संकल्प के साथ बढ़ते कदम कमजोर नहीं होते

माना कि बहुत दूर है रात से भोर का सफर
जुगनू ,चांदनी भी तो हैं साथ आपके
अकेले हुए ही कब आप इस शहर में
शराबी और पागल भी तो है दीप की तरहतरह

जुनून होना चाहिए मुकाम को छू लेने के लिए
मुश्किल नहीं कुछ भी हासिल करने के लिए
व्यवधान तो मिलते ही हैं बाधक बनकर
जरूरी है सजग रहना आगे बढ़ाने के लिए

ऊंचाई कोई भी हो उठी है जमीन से होकर ही
खड़े हैं आप भी तो इसी जमीन पर ही
तब असंभव कुछ भी क्यों लग रहा है तुम्हें
बस समझ लो मूल्य, आए हैं जीवन में जो लम्हे

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

भोर होने तक | Bhor Hone Tak

Similar Posts

  • पानी थोड़ा कम है | Poem Pani Thoda Kam hai

    पानी थोड़ा कम है ( Pani thoda kam hai )     उम्मीदों  के  भरे  कलश  में, पानी  थोड़ा  कम  है।   भरते  भरते  जीवन  बीता,  फिर भी थोड़ा कम है।   पाने  की  चाहत  में  तुमको,  बीता  ये  जीवन  है।   फिर भी तृष्णा कम ना हुई, लगता है थोडा कम है।   कवि : …

  • मैं क़लम हूं

    मैं क़लम हूं स्वेत रुप है मेरी कायाभेद छल से दूर हूं मैंनिश्छल है मेरी कायाइतिहास लिखा नन्हे कदमों सेभविष्य भी हूं मैं तुम्हाराहां मैं क़लम हूं बच्चों का दोस्त हूं मैंदिलाता हूं उन्हें सफलता प्याराजो बिगड़ें बोल बोले कोईतो कालदण्ड हूं मैं तुम्हाराहां मैं क़लम हूंहां मैं कलमकार हूं नवीन मद्धेशिया गोरखपुर, ( उत्तर…

  • तेरे साथ ये लम्हे | Tere Sath ye Lamhe

    तेरे साथ ये लम्हे ( Tere Sath ye Lamhe )   बुझते को ज्योति हो जैसे, भूखे को रोटी हो जैसे, तेरे साथ ये लम्हे ऐसे, सीप मे मोती हो जैसे, श्री हरि की पौड़ी जैसे, राधा कृष्ण की जोड़ी जैसे, इन लम्हों मे मै हो जाऊॅ चंदा की चकोरी जैसे, मिसरी की मीठी डलियों…

  • आधार | Aadhaar

    आधार ( Aadhaar )    मिले हुए संस्कार ही करते हैं वैचारिक सृजन सोच मे संगत का प्रभाव भी संभावित है किंतु ,यदि पृष्ठभूमि भी सुदृढ़ हो तो बारिश की बूंदें गिरकर भी बह जाती हैं जीवन की नींव मजबूत होनी चाहिए तात्कालिक हवाएं डालियों को झुका भले दें दरख़्त को उखाड़ पाना सम्भव नही…

  • मेरा प्यारा भारत देश | Bharat Desh par Kavita

    मेरा प्यारा भारत देश ( Mera pyara bharat desh )    मेरा प्यारा भारत देश सभी देशों मे यह नम्बर एक, मिलकर रहतें हमसब एक इसमें नहीं है कोई भेद। भाषाऍं यहां बहुत अनेंक पर रंग रूप सबका एक, पहनावा भी सबका भिन्न पैदा होता यहां पर अन्न।। हिन्दू, मुस्लिम सिख, ईसाई रहते सभी भाई-भाई,…

  • मित्र | Kavita Dosti par

    मित्र ( Mitra )   लम्हे सुहाने हो ना हो। चाहत की बातें हो ना हो। प्यार हमेशा दिल में रहेगा, चाहे मुलाकात हो ना हो।   खुशियों में गम़ मे भी शामिल रहेगे। तुझसे अलग हो के कैसे रहेगे। बातें सभी दिल की तुमसे कहेगे। चाहे दिन खुशनुमा ये रहे ना रहे।   लम्हे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *