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आपसे सर्वस्व मेरा | Aapse Sarvasya Mera
ByAdminआपसे सर्वस्व मेरा ( Aapse Sarvasya Mera ) आप सर्वस्व मेरे,आपके श्री चरणों में मेरा सर्वस्व अर्पण है।आप मेरे प्राण के प्राण,आप मेरे प्राण धन हैं।आपके श्री चरणों में मेरा सर्वस्व अर्पण है। हे प्राणनाथ, मेरे प्राणेश्वर!बलिहारी नित मैं आप पर।आपका श्री चरण मेरा घर।चरण कमल का भौंरा यह मन है।आप मेरे प्राण के प्राण,आप…

मुश्किलों का न डर फिर रहेगा यहां
ByAdminमुश्किलों का न डर फिर रहेगा यहां मुश्किलों का न डर फिर रहेगा यहां।। सामना होश से ग़र करेगा यहां।। चैन पाते नहीं जिंदगी में कभी। वैर जिनके दिलों में पलेगा यहां।। मौज बेशक मना लो भले लूट से। ज़र न ज्यादा दिनों वो टिकेगा यहां।। दिल कभी भी किसी का…

दिवाली पर
ByAdminदिवाली पर मिष्ठान की तश्तरीअब भरी ही रहती हैरंगोली भरी दहलीज़ भीअब सूनी ही रहती है रामा श्यामा करना हमेंअब बोझ लगने लगाबुजुर्गों का आशीर्वादअब बोर लगने लगा यह काल का प्रभाव है याभविष्य पतन की दिशावर्तमान का झूठा सुख याकल के समाज की दुर्दशा दिवाली महज़ त्यौहार नहींसंस्कृति मिलन का रुप हैजीवन को अचूक…

Hindi kavita | Hindi Diwas Poem -हिंदी हमारी
ByAdminहिंदी हमारी ( Hindi Hamari ) तुलसी की वाणी रामायण हैं हिंदी रसखान जी के दोहे है हिंदी मीरा सा प्रेम कृष्ण नाम है हिंदी भारतेंदु की आत्मा है हिंदी दिनकर जी की शब्दों की ज्वाला है सुमित्रानंदन की वाणी है हिंदी जो शब्द दिलों को छूती है वो मृदुभाषी है हिंदी संस्कार…

आंखे हंस दी दिल रोया | Kavita aankhe hansdi dil roya
ByAdminआंखे हंस दी दिल रोया ( Aankhe hansdi dil roya ) आंधी तूफां पतझड़ आए मुश्किलों ने डाला डेरा दर्द दिल में दबाए मचल रहा मन मतवाला मेरा रख दिया हाथ उसने पूछा प्यारे क्यों खोया खोया प्यार भरी बातें सुनकर आंखें हंस दी दिल रोया अनकहे अल्फाज मन के बहुत दिल…

मुंशी प्रेमचंद | Munshi Premchand par Kavita
ByAdminमुंशी प्रेमचंद! ( Munshi Premchand ) !! शत -शत नमन !! ( 1) मुंशी प्रेमचंद को कभी न भुलाया जाएगा उन्हें पाठ्यक्रम में हमेशा पढ़ाया जाएगा। सन अट्ठारह सौ अस्सी,लमहीं में जन्में थे सज़दा उस भूमि का हमेशा किया जाएगा। त्याग,तेज और लेखनी के थे वो बहुत धनी उनके संकल्पों को सदा दोहराया जाएगा। आजादी…

