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अनकही | Poem anakahee
ByAdminअनकही ( Anakahee ) चलिये ना कुछ बात करें मैं अपने दिल की बात कहूँ कुछ छुपे हुए से राज कहूँ तुम अपने मन की परते खोलो सहज जरा सा तुम भी हो लो मैं अपनी कहानी कह दूंगी जो बंधी है मन के भीतर गिरहें सभी मैं खोलूंगी तुम भी अपने घाव दिखाना…

तपन | Kavita Tapan
ByAdminतपन ( Tapan ) कितनी प्यारी सी तपन भरी थी उनकी मुस्कान में फरिश्ता सी लगने लगी हमें भीड़ भरे जहान में मदद को बढ़ा दिए हाथ साथ दे दिया जीवन में उनके प्यार की तपन से खिल गए फूल चमन में महकी फुलवारी सारी प्रीत भरी बयार बहने लगी सद्भावों की…

अंधकार पीनेवाले | Kavita andhakar peene wale
ByAdminअंधकार पीनेवाले! ( Andhakar peene wale ) किसी के जख्मों पर कोई नमक छिड़कता है, तो यहाँ मरहम लगाने वाले भी हैं। कोई हवा को रोने के लिए करता है विवश, तो फिजा को हँसानेवाले भी हैं। मत बहा बेकार में तू इन आंसुओं को, मौत का भी इलाज करनेवाले हैं। जिन्दगी में उतार-चढ़ाव…

मेरा गांव | Mera Gaon
ByAdminमेरा गांव ( Mera Gaon ) सबका दुलारा मेरा गांव ।सबका प्यारा मेरा गांव ।थका हारा जब भी आऊं ।मुझको सहारा देता गांव । कितने ही देखे इसने बसंत ।ना था जिनका कोई अंत ।सबकी पीड़ा छुपाए सीने में ।सब पे प्यार लुटाता मेरा गांव । पीपल बरगद पहचान है इसकी ।कुआं बावड़ी सब जान…

विजय संकल्प
ByAdminविजय संकल्प हार माने हार होत है जीत माने जीत, जीतने वाले के संग सब लोग लगावत प्रीत। मन कचोटता रह जाता जब होता है हार, मन ही बढ़ाता है मनोबल जीवन सीख का सार। जीत-हार का जीवन चक्र सदैव चलता रहता है, जीत-हार उसी की होती है जो खेल खेलता…

फासला | Phasala
ByAdminफासला ( Phasala ) सोचता हूं उकेरूं आज आपका चित्र या लिखूं अनाम कुछ भाग्य का लेखा लिखा तो बहुत कुछ अब तक हमने फिर भी लगता है की कुछ नही लिखा रख लिया हूं स्मृतियों को सहेजकर मिले थे आप जब हमसे पहली बार हुई न कुछ बातें ,तब भी बहुत हो गईं…

