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सहारा | Kavita Sahara
ByAdminसहारा ( Sahara ) लड़ा नही जाता अब हालातो से अब टूटते हुए सपनो के टुकड़ों को संभाला नही जाता मां की ममता का स्नेह अब बताया नही जाता अब बस दुआ वों का सहारा है मन्नतो का आसरा है वक्त के साये तले हर शक्स का बेनकाब चेहरा है अपनी तन्हाई में अब…

गोपालदास नीरज | Gopaldas Neeraj par kavita
ByAdminकवि/गीतकार गोपालदास नीरज ( Kavi/Geetkar Gopaldas Neeraj ) काव्य लेखक हिन्दी शिक्षक कवि साहित्यकार, फिल्मी इंडस्ट्री में भी बनाये पहचान गीतकार। पद्म-श्री और पद्म-भूषण से अलंकृत हुए आप, दो-दो बार सम्मानित हुए आप भारत सरकार।। काव्य एवं गीत लेखन में बनाई पहचान विशेष, जो चार जनवरी १९२५ को जन्में उत्तर-प्रदेश। फिल्म इंडस्ट्री से फिल्म-फेयर जो…

प्रथम पूज्य आराध्य गजानंद | Kavita
ByAdminप्रथम पूज्य आराध्य गजानंद ( Pratham pujya aradhya gajanand ) बुद्धि विधाता विघ्नहर्ता, मंगल कारी आनंद करो। गजानंद गौरी सुत प्यारे, प्रभु आय भंडार भरो। प्रथम पूज्य आराध्य गजानंद, हो मूषक असवार। रिद्धि-सिद्धि संग लेकर आओ, आय भरो भंडार। गणेश देवा गणेश देवा,जन खड़े जयकार करे। लंबोदर दरबार निराला, मोदक छप्पन भोग…

समझ नहीं आता | Kavita Samajh Nahi Aata
ByAdminसमझ नहीं आता ( Samajh Nahi Aata ) कैसी ये उहापोह है समझ नहीं आता क्यों सबकुछ पा जाने का मोह है समझ नहीं आता लक्ष्य निर्धारित किए हुए हैं फिर भी कैसी ये टोह है समझ नहीं आता खुशियों के संग की चाहत है रिश्तों से फिर क्यों विछोह है समझ नहीं आता शिखा…

खूबसूरत | Khoobsurati ki Tareef par Kavita
ByAdminखूबसूरत ( Khoobsurat ) खूबसूरत नज़र आती हो, अदाओं से भी लुभाती हो, आती हो जब भी सामने सच में कयामत ढाती हो। माथे पर बिंदी सजाती हो, आँखों में कजरा लगाती हो, महकाती हो बालों में गजरा सच में कयामत ढाती हो। हाथों में मेहंदी रचाती हो, चूड़ी कंगना खनकाती हो, ओढ़ती हो…

गोपाष्टमी का पावन पर्व | Gau puja par kavita
ByAdminगोपाष्टमी का पावन पर्व ( Gopashtami ka pawan parv ) गोपाष्टमी का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जाता, द्वापर-युग से चला आ रहा यह बात सब जानता। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को आता, इस रोज़ पूजन और प्रार्थना की जाती है गौमाता।। इस गाय को हमारी संस्कृति में पवित्र…

