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मोक्ष पाओगे | Moksh par kavita
ByAdminमोक्ष पाओगे! ( Moksh paoge ) राम को हराकर बता क्या पाओगे, सत्य को पछाड़कर भी क्या पाओगे? अगर सत्य के पाले में खड़े रहे तो, जाते – जाते धरा से मोक्ष पाओगे। कौन होगी अंतिम साँस, किसे पता, मिसाइलें सजाकर तुम क्या पाओगे? बढ़े तो बढ़ाओ भाई पुण्य की गँठरी, झूठ बोलकर…

ग़र ना होती मातृभाषा | Matribhasha Diwas Par Kavita
ByAdminग़र ना होती मातृभाषा ( Gar na hoti matribhasha ) सोचो सब-कुछ कैसा होता, ग़र ना होती मातृभाषा ।। सब अज्ञानी होकर जीते जग-जीवन का बौझा ढोते, किसी विषय को पढ पाने की कैसे पूरी होती अभिलाषा।। कैसे अपना ग़म बतलाते कैसे गीत खुशी के गाते, दिल की दिल में ही …

कारें कजरारे नैना | Kare kajrare naina | Kavita
ByAdminकारें कजरारे नैना ( Kare kajrare naina ) काली आंखें तिरछे नैना दमक रहा आनन सारा प्रीत भरी इन आंखों में झलक रही प्रेम रसधारा झील सी आंखें गहरी गहरी डूब न जाना नैनों में मादकता भरे ये लोचन अंदाज मस्ताना नैनों में नैन कटीले काले कजरारे चले नैना तीर कटार मृगनयनी…

Kavita | कुंभ की धार्मिक महत्व
ByAdminकुंभ की धार्मिक महत्व ( Kumbh ka dharmik mahatva ) सनातन धर्म की पौराणिकता को, याद दिलाता है यह कुंभ । बारह वर्षों में एक बार ही , आता है यह कुंभ । सभी देवों का धरती पर , होता जिस पल आगमन । संघ साधु संत के सानिध्य का , अवसर दे…

चांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप मैंने देखा | Kavita Chand
ByAdminचांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप मैंने देखा ( Chand bhi fika pad jaye aisa roop mein ne dekha ) चांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप है मैंने देखा उतरी हो अप्सरा कोई या भाग्य की किस्मत रेखा मधुर मधुर मुस्कान बिखेरे छैल छबीली चले चाल महक उठता मधुबन सारा मन के…

नूतन वर्ष मंगलमय हो | Nutan Varsh Mangalmay ho
ByAdminनूतन वर्ष मंगलमय हो ( Nutan Varsh Mangalmay ho ) नूतन वर्ष मंगलमय हो, सारा जहां यूंही रोशन रहे। दिन दुनी रात चौगुनी हो, सदा खुशियों की सौगात रहे।। नूतन वर्ष…।।1।। पुलकित मन सबका हो, ऐसा मन में विश्वास रहे। खुशियों भरा जीवन हो, भाईचारे का विस्तार रहे।। नूतन वर्ष…।।2।। इच्छाओं की स्व-पूर्ति हो,…

