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धवल | Kavita dhawal
ByAdminधवल ( Dhawal ) हिमगिरी से हिम पिघल पिघल धवल धार बन बहता है धार धवल मानो हार नवल हिमपति कंठ चमकता है कल कल बहता सुरसरि जल राग अमर हिय भरता है दु:ख हारण कुल तारण गंगा का जल अविरल बहता है धवल चंद्र की रजत चांदनी धरती को करती दीप्तिमान मानो…
किराए की मस्ती | Kiraye ki Masti
ByAdminकिराए की मस्ती ( Kiraye ki masti ) खार ही खार बिखरे हैं चमन में मिलते नहीं फूल गुलाब के सवालों की चादर में लिपटे हैं सभी मिलते नहीं उत्तर जवाब के साथ की जरूरत में आता नहीं साथ कोई निकल जाने पर वक्त के मिल जाते हैं हमदर्द कई मिलते हैं रिश्ते अपने…
Hindi Kavita | Hindi Poetry -गलतफहमी!
ByAdminगलतफहमी! ( Galatfahmi ) ***** वो समझते हैं समझते नहीं होंगे लोग। वो उलझते हैं पर उलझते नहीं हैं लोग। वो सुलगाते हैं पर सुलगते नहीं हैं लोग। उम्र कद कर्म अनुभव संस्कार की कमी, लहजे से ही दिख जाता है, हर कहीं। कुछ ज्यादा ही उछलते है वो, आका के संरक्षण में पलते हैं…
दारु इतनी मत पीना | Daru par Kavita
ByAdminदारु इतनी मत पीना ( Daru itni mat pina ) दारू इतनी मत पीना कि वह तुम्हें पीने लग जाएं, बिन आग व श्मशान के तुम्हारा शरीर जल जाएं। सुधर जाना संभल जाना सभी पीने वाले वक्त पर, शत्रुओं से भी बुरी है ये इससे दूरियां बनाते जाएं।। गिरते-पड़ते आते है इस तरह के…
शहीद दिवस | Kavita Shaheed Diwas
ByAdminशहीद दिवस ( Shaheed Diwas ) फांसी के फंदे से,आजादी का सिंहनाद तेईस मार्च उन्नीस सौ इक्कतीस, दिवस अद्भुत मोहक सोहक । उमंग उल्लास प्रकृति पटल, कायिक प्रभा अनंत रोहक । असीम नमन दिव्य बलिवेदी, हिय हिलोरित राष्ट्र प्रेम निर्बाध । फांसी के फंदे से, आजादी का सिंहनाद ।। आत्मविश्वासी अभय कदम, चाल ढाल रण…
शरद चाँदनी | Sharad Chandni
ByAdminशरद चाँदनी ( Sharad Chandni ) चली है ..पवन शीतल मंद सुगन्ध नूपुरखिले खिले हुए हैशरद की चाँदनी मेंकुन्द के फूलचंद्र पूर्ण आकार सोलह कलाओं को संग लियें उदित हुआ बदली तेजपुंज से भरी-भरीहो रही है अमृत वर्षाआकाश से आज बरस रही है शरद चाँदनीहै ओस की बूँद में भीअमृत बूटी चूर्णसब रोगों का होगा नाशमाँ…

