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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • भुवाल माता
    कविताएँ

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) द्वितीय दिवस

    ByAdmin September 28, 2024September 29, 2024

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) द्वितीय दिवस माता पर आस्था का सुखद सौपान हैं ।भुवाल माता पर विश्वास , आस्था ,श्रद्धा ,अनाशक्त साधना का पहला सौपान हैं ।मन की मजबूरियों का यही तो निदान हैं ।उजला बनाती मन को आस्था की धाराभटकते पथिक को मिलता माताके स्मरण से शीघ्र किनाराअपने से होती अपनी हो होअपने…

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  • Kabhi to Dekh
    ग़ज़ल

    कभी तो देख | Kabhi to Dekh

    ByAdmin September 28, 2024September 28, 2024

    कभी तो देख ( Kabhi to Dekh ) नकाब जब हटे ज़रा नज़र झुकी-झुकी मिलेकभी तो देख इक नज़र के लुत्फ़-ए-मयकशी मिले सितारे चाँद चाहिए न चाँदनी भी अब हमेंफ़क़त है इश्क़ की ही ख़्वाहिशें ये बंदगी मिले सितम हज़ार करते हैं दिलों जाँ पे सभी यहाँजिसे बता दूँ दास्ताँ कोई तो आदमी मिले नज़र…

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  • Ab Lagega Star Tumhare
    कविताएँ

    अब लगेगा स्टार तुम्हारे | Ab Lagega Star Tumhare

    ByAdmin September 28, 2024September 28, 2024

    अब लगेगा स्टार तुम्हारे ( Ab Lagega Star Tumhare ) रख हौंसला वीर जवान ग़म के दिन गुज़र जाएंगे,ख़तरो के मंडराते हुए यह बादल भी टल जाएंगे। पसीना बहाना रक्त बचाना अच्छे दिन भी आएंगे,जब लगेगा स्टार तुम्हारे लोग तालियां बजाएंगे।। इन ऑंसुओं को पीते पीते तुमने वर्षों गुज़ार दिए,बस बहुत हो गयी नौकरी फिर…

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  • शब्दाक्षर के राष्ट्रीय कार्यक्रम में राजस्थान के साहित्यकार हुए सम्मानित
    साहित्यिक गतिविधि

    शब्दाक्षर के राष्ट्रीय कार्यक्रम में राजस्थान के साहित्यकार हुए सम्मानित

    ByAdmin September 28, 2024September 28, 2024

    राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था ‘शब्दाक्षर’ के बैनर तले गोमती नगर, लखनऊ के कसाया इन रिसार्ट में त्रिदिवसीय सम्मान समारोह सह कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, कार्यक्रम प्रमुख बुद्धिनाथ मिश्र एवं व्यवस्था प्रमुख संतोष हिन्दवी की देखरेख में आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत ही आकर्षक एवं उत्साहवर्धक रहा। कार्यक्रम…

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  • Sanam Mujhe Milo Kabhi
    ग़ज़ल

    सनम मुझे मिलो कभी | Sanam Mujhe Milo Kabhi

    ByAdmin September 28, 2024September 28, 2024

    सनम मुझे मिलो कभी ( Sanam Mujhe Milo Kabhi ) सनम मुझे मिलो कभीनदी बनो बहो कभी अभी न जाओ छोड़करसनम मुझे कहो कभी सनम के मौन प्यार कीपुकार तुम सुनो कभी कहे बिना सुने बिनाझुके बिना झुको कभी बसे हो पत्थरों में तुमहृदय में भी बसो कभी जुड़ो किसी से भी मगरस्वयं से भी…

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  • Aao Pyaar Karen
    कविताएँ

    आओ प्यार करें | Aao Pyaar Karen

    ByAdmin September 28, 2024September 28, 2024

    आओ प्यार करें ( Aao Pyaar Karen ) आओ प्यार करें,गुलों को हार करें,रूठें इक दूजे से,और मनुहार करें, बीते जो दिनमान,उनको याद करें,आने वाले पल का,स्वागत इंतजार करें,आओ प्यार करें। आभा गुप्ताइंदौर (म. प्र.) यह भी पढ़ें :-

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  • Bahon Mein Jab
    ग़ज़ल

    बाहों में जब वो आएंगे | Bahon Mein Jab

    ByAdmin September 28, 2024September 28, 2024

    बाहों में जब वो आएंगे ( Bahon mein jab bahon woh aayenge ) बाहों में जब वो आएंगे।ग़म ख़ुशियों में ढल जाएंगे। याद उन्हें जब आएंगे हम।मन ही मन वो मुस्काएंगे। अ़र्ज़ -ए-तमन्ना पर वो हमारी।ग़ौर कभी तो फ़रमाएंगे। रह-रह कर यूं दिल वो हमारा।देखें कब तक तड़पाएंगे। इक दिन ऐसा भी आएगा।गीत हमारे सब…

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  • भुवाल माता
    कविताएँ

    नवरात्रि पर्व (अश्विन )

    ByAdmin September 27, 2024September 27, 2024

    नवरात्रि पर्व (अश्विन ) भुवाल माता पर आस्था अम्बर हैं ।यह निश्छल ,अविरल , अपलक है ।यह सत्यं-शिवं -सुन्दरं क्षेमंकर हैं ।यह आत्म पथ फलदायी सुखकर है ।भुवाल माता का स्मरण सदा सुखदायी है ।भुवाल माता पर आस्था अम्बर हैं ।जब तक रहता है नील गगन में तारातब तक छविमान दिखता लगता प्याराजब अपने उच्च…

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  • Par tu Badal Gaya
    ग़ज़ल

    पर तू बदल गया | Par tu Badal Gaya

    ByAdmin September 27, 2024September 27, 2024

    पर तू बदल गया ( Par tu Badal Gaya ) मौसम विसाले यार का फिर से निकल गयामैं तो वहीं खड़ी रही पर तू बदल गया मिसरे मेरे वही रहे मौज़ूं फिसल गयामेरी ग़ज़ल पे तेरा ही जादू जो चल गया ममनून हूँ सनम मैं करूँ शायरी नईनज़रों पे मेरी तीर मुहब्बत का चल गया…

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  • Hairat hi Sahi
    ग़ज़ल

    हैरत ही सही | Hairat hi Sahi

    ByAdmin September 27, 2024September 27, 2024

    हैरत ही सही ( Hairat hi Sahi ) मुझको सच कहने की आदत ही सहीहो अगर तुझको तो हैरत ही सही तंज़ और तल्ख़ी का आलम तौबाउनकी बातों में हक़ीक़त ही सही हम ज़ुबां रखते हैं मुहब्बत कीतेरे लब पे है कुदूरत ही सही दिल को भाए जो वही करते हैंदेते वो हमको नसीहत ही…

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