• मनभावन | Manbhawan

    मनभावन ( Manbhawan ) मनभावन प्रतिबिम्ब तुम्हारे ,जब सुधि में उतराये हैं ।पाँव तले कंटक भी हों यदि हम खुलकर मुस्काये हैं ।। क्या दिन थे वे जो कटते थे लुकाछिपी के खेलों मेंबन आती थी अनायास जब मिल जाते थे मेलों मेंचूड़ी ,कंगन ,बिंदिया, गजरा देख-देख हर्षाये हैं ।।मनभावन ————— बागों में हर दिवस…

  • सपनों की उड़ान | Sapno ki Udaan

    सपनों की उड़ान ( Sapno Ki Udaan ) सपनों की उड़ान,छू लेती ,आसमान ।करती पूरे ,अरमान ।लाती है ,ये मुस्कान ।भर देती , दिल में जान ।अलग है , इसकी शान ।अद्भुत है ,ये उड़ान ।वाह ,सपनों की उड़ान । श्रीमती प्रगति दत्तअलीगढ़ उत्तर प्रदेश यह भी पढ़ें :

  • महान क्रियायोगी थे : लाहिड़ी महाशय

    लाहिड़ी महाशय का जन्म 30 सितंबर 1828 ई को एक धर्मनिष्ठ प्राचीन ब्राह्मण कुल में बंगाल के नदिया जिले में स्थित घुरणी ग्राम में हुआ था। इनका पूरा नाम श्यामाचरण लाहिड़ी था। तीन-चार वर्ष की आयु में ही वे प्रायः बालू में केवल सिर बाहर और अन्य सारा शरीर बालू के अंदर रखते हुए इस…

  • जब वो हद से गुजर गया | Jab Wo Had se Guzar Gaya

    जब वो हद से गुजर गया ( Jab Wo Had se Guzar Gaya ) जब वो हद से गुजर गया।मैं भी वादे से मुकर गया। आता नहीं है अब भी बाज।लोग कहते हैं कि सुधर गया। देखा उसे सरहद पार करते।पूछते हैं सबसे किधर गया। भूख को पूछना है तो उससे पूछो।निवाला छूट कर जिसका…

  • मुंबई की बरसात | Mumbai ki Barsaat

    किस्सा उस समय का है जब मुंबई बम्बई हुआ करती थी। मेरी दीदी की शादी 1984 में मुंबई के एक परिवार में हुई थी। उस समय दिल्ली से अगर मुंबई जाना होता था तो हफ्तों, महीनों पहले प्रोग्राम तय करना होता था। फोन आदि भी नहीं होते थे। मेरी उन दिनों संचार मंत्रालय में नयी…

  • तुम्हारी बात का | Tumhari Baat Ka

    तुम्हारी बात का ( Tumhari Baat Ka ) तुम्हारी बात का जिस पर नशा है ।उठाने को तेरा घूंघट खड़ा है ।।१ नज़र भर देख भी ले जो तुम्हें अब ।कहाँ फिर होश में रहता खड़ा है ।।२ तुम्हें जो छू रही है बे-इजाजत ।वही मगरूर अब देखो हवा है ।।३ किसी के जो बुलाने…

  • डिजिटल युग में फर्जी खबरें

    यह पवित्रता ही है जो समाचार को समाज में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करती है। लेकिन फर्जी खबरों की परिघटना समाचार के मूल मूल्यों को निशाना बनाती है, जो असामाजिक तत्वों, अफवाह फैलाने वालों या उन उच्च और शक्तिशाली लोगों के निजी हितों को पोषित करती है, जो समाचार की आड़ में अपना निजी एजेंडा…

  • हृदय | Hriday

    हृदय ( Hriday ) हृदय वक्ष में स्थित,करे तंत्र संचार।जैसा रखे विचार मानव,वैसा प्रवाहित हो ज्ञान।कहते हृदय स्वस्थ रखो,करते इसमें प्रभु निवास।यदि दुष्टता भाव रखो,न लग पाओगे पार।नित योग, व्यायाम करो,निर्मल भाव सदा रखो।हृदय नियंत्रण तन करे,रक्त को शुद्ध करे।बिना रुके, बिना थके,हृदय प्रक्रिया जारी रखे।सागर की लहरों जैसी,तरंगे उठती इसमें वैसी।प्रेमियों की धड़कन हृदय,प्रकट…

  • चेहरा तुम्हारा | Chehra Tumhara

    चेहरा तुम्हारा ( Chehra Tumhara ) बहुत ख़ूबसूरत है चेहरा तुम्हारा।निगाहों की जन्नत है चेहरा तुम्हारा। ये गुस्ताख़ नज़रें,यह क़ातिल तबस्सुम।फिर उस पर तुम्हारा यह तर्ज़-ए-तकल्लुम।यक़ीं तुमको आए न आए यह सच है।सरापा क़यामत है चेहरा तुम्हारा।निगाहों की जन्नत है चेहरा तुम्हारा। नहीं कोई गुल ऐसा दुनिया में दिलबर।नज़र तुम ही आते हो हर शय…

  • वो चार लोग थे | Wo Char Log The

    वो चार लोग थे ( Wo Char Log The ) झूठों के बादशाह थे मक्कार लोग थेहमको सही जो कहते थे वो चार लोग थे इल्ज़ाम झूठा हम पे लगाते थे बेसबबक़ातिल थे ख़ुद ही और गुनहगार लोग थे वल्लाह बेज़ुबा थे यूँ मज़लूम भी बड़ेरहते थे बंदिशों में भी लाचार लोग थे चालें समझते…