• समझौता : लघुकथा

    शकुन आज बड़े वर्षों में बाद दोस्तों से मिल रही थी। दोस्तों की बहुत ज़िद करने पर ही घर से निकली थी। बच्चों ने भी जबरदस्ती दोस्तों से मिलने भेजा था। आज वर्षों बाद मुस्कुरा रही थी, गुनगुना रही थी, खुश होकर तस्वीरें खिंचवा रही थी। दिन भर मस्ती में गुज़र गया। शकुन ने तो…

  • निर्मल जैन ‘नीर’ के हाइकु | Nirmal Jain ke Haiku

    विश्व जनसंख्या दिवस बदलो सोच~बढ़ती जनसंख्याधरा पे बोझ●रोज सताती~कल की चिंता हमेंखूब रूलाती●गम ही गम~घटते संसाधनआँखे है नम●बुरा प्रभाव~शिक्षा,स्वास्थ्य,खानाहुआ अभाव●भूल न जाओ~जनसंख्या अंकुशखुशियाँ पाओ● नशा सदैवध्यान रखनाधूम्रपान है निषेधकभी मतकरना●बातरखना यादतम्बाकू गुटखे सेजीवन होताबर्बाद●नशाबहुत बुराखाँसी, दमा, कैंसररहे जीवनअधूरा●नशामुक्त समाजहम सबने मिलकरलिया संकल्पआज योग दिवस योग की माया~पहला सुख होतानिरोगी काया•स्वच्छ हो मन~नियमित योगा सेस्वस्थ हो…

  • बेटी मेरी परछाई | Beti Meri Parchai

    बेटी मेरी परछाई ( Beti Meri Parchai ) नन्ही बिटिया जब घर आई,खुशियों की गूंजी शहनाई,सब ने बोला देखो मुखड़ा,ये तो है माँ की परछाई, भोली सूरत, चंचल आँखें,जैसे बादल से चंदा झाँके,नीद मे उसने ली अँगड़ाई,सचमुच, बेटी मेरी परछाई, किलकारी जब वो लेती है,जैसे मुझसे वो कहती है,मै बस तेरे लिए ही आई,सचमुच, बेटी…

  • क़यामत कम नहीं होती | Qayamat Kam Nahi Hoti

    क़यामत कम नहीं होती ( Qayamat Kam Nahi Hoti ) निकलते जब वो सज-धज के तो आफ़त कम नहीं होतीजिगर पर तीर चलते हैं क़यामत कम नहीं होती मुहब्बत बाँटिए जग में ये बरकत कम नहीं होतीमिले ख़ुशियाँ ज़माने को मसर्रत कम नहीं होती कहाँ आता किसी को अब सलीक़े से यहाँ चलनाचले हम ग़र…

  • आपसे सर्वस्व मेरा | Aapse Sarvasya Mera

    आपसे सर्वस्व मेरा ( Aapse Sarvasya Mera ) आप सर्वस्व मेरे,आपके श्री चरणों में मेरा सर्वस्व अर्पण है।आप मेरे प्राण के प्राण,आप मेरे प्राण धन हैं।आपके श्री चरणों में मेरा सर्वस्व अर्पण है। हे प्राणनाथ, मेरे प्राणेश्वर!बलिहारी नित मैं आप पर।आपका श्री चरण मेरा घर।चरण कमल का भौंरा यह मन है।आप मेरे प्राण के प्राण,आप…

  • बेटियां : हाइकु

    बेटियां बेटी का धन,लक्ष्मी, विद्या, पार्वती,जैसा है मन।।१।। धान सी फलें,परिवार की जड़,फूल सी खिले ।।२।। बेटी चहके,घर आँगन ज्योंपुष्प महके ।।३।। ईश सजीव,बेटियां होती है,जग की नींव ।।४।। बिछा के मन,बेटियों बना देती,मकाँ को घर।।5।। बेटी की छाँव,जहां पड़ते पाँव,स्वर्ग सी ठाँव ।।6।। कैसा भी दौर,बिटियाँ के हाथों में,जग की डोर ।।7।। डी के…

  • जीवन की रफ्तार है बेटी | Jeevan ki Raftaar Hai Beti

    जीवन की रफ्तार है बेटी ( Jeevan ki Raftaar Hai Beti ) बाबा के बीमार मन काउपचार ..माँ के दिल की धड़कनजीवन की रफ्तार है बेटीजीवन की रफ्तार है बेटीशांत समंदर हैसमय पड़ने परम्यान से निकलती हुई तलवार है बेटीरानी दुर्गावती ,पद्मावती , लक्ष्मीबाई का स्वप्न साकार हैं बेटी..कलम की आवाज हैसाहित्यकार, कलमकार, अभिनेता राजनेता…

  • अनमोल है बिटिया | Anmol Hai Bitiya

    एक अनमोल रत्न है बिटियाखुशियों की सौगात है बिटिया सुबह की पहली किरण है बिटियाघर आंगन महकाती है बिटिया मां की परछाई होती है बिटियादो परिवारों का मान बढ़ाती है बिटिया सबके मुकद्दर में कहां होती है बिटियामाता-पिता का दुख समझती है बिटिया थोड़ी नटखट थोड़ी शैतान होती है बिटियासंस्कार और शिक्षा से समाज को…

  • सुना था | Suna Tha

    सुना था ( Suna Tha ) ( बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ) सुना था बचपन में हमने एक छोटा सा राजकुमार आएगा सुनहरे घोड़े पर बिठाकर अपने महलों में ले जाएगा सुना था हमने दादी के मुंह मैं हूं एक छोटी सी राजकुमारी कहते कहते गले लगाकर मुझे सुनाती एक कहानी सपने देखे थे…

  • प्यार की ये अजब रीत है | Pyar Ki ye Ajab Reet Hai

    प्यार की ये अजब रीत है ( Pyar Ki ye Ajab Reet Hai ) प्यार की ये अजब रीत है।हार में भी छुपी जीत है।। किससे शिकवा करें हम कहो,पास में जब नहीं मीत है।। धूप के साथ है छांव भी,ज़िन्दगी ऐसा ही गीत है।। दूर होकर लगे पास वो,हां यही सच कहूं प्रीत है।।…