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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Suna Tha
    कविताएँ

    सुना था | Suna Tha

    ByAdmin September 22, 2024September 22, 2024

    सुना था ( Suna Tha ) ( बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ) सुना था बचपन में हमने एक छोटा सा राजकुमार आएगा सुनहरे घोड़े पर बिठाकर अपने महलों में ले जाएगा सुना था हमने दादी के मुंह मैं हूं एक छोटी सी राजकुमारी कहते कहते गले लगाकर मुझे सुनाती एक कहानी सपने देखे थे…

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  • Pyar Ki ye Ajab Reet Hai
    ग़ज़ल

    प्यार की ये अजब रीत है | Pyar Ki ye Ajab Reet Hai

    ByAdmin September 22, 2024September 22, 2024

    प्यार की ये अजब रीत है ( Pyar Ki ye Ajab Reet Hai ) प्यार की ये अजब रीत है।हार में भी छुपी जीत है।। किससे शिकवा करें हम कहो,पास में जब नहीं मीत है।। धूप के साथ है छांव भी,ज़िन्दगी ऐसा ही गीत है।। दूर होकर लगे पास वो,हां यही सच कहूं प्रीत है।।…

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  • Awaaz Mila di Maine
    ग़ज़ल

    आवाज़ मिला दी मैंने | Awaaz Mila di Maine

    ByAdmin September 22, 2024September 22, 2024

    आवाज़ मिला दी मैंने ( Awaaz Mila di Maine ) ज़िन्दगी उसके मुताबिक ही बना दी मैंनेउसकी आवाज़ में आवाज़ मिला दी मैंने इसलिए चेहरे पे रहता है तबस्सुम मेरेदिल दुखाती थी जो वो बात भुला दी मैंने ज़िन्दगी ऐसे मुहाने पे ले आई मुझकोआग अपनी ही तमन्ना में लगा दी मैंने उनका दीदार किसी…

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  • माय साइलेंट लव
    पुस्तक समीक्षा

    माय साइलेंट लव : प्रेम बजाज की अद्वितीय रचना

    ByAdmin September 22, 2024September 22, 2024

    प्रस्तुत उपन्यास ‘माय साइलेंट लव’ (जस्ट फाॅर यू) लेखिका प्रेम बजाज का पहला उपन्यास है किन्तु पढ़ने के बाद किसी भी पहलू से पहला नहीं लगता। अपने सालों के अनुभवों का निचोड़ सुंदर शब्दों में पिरोकर कहानी का गुंफन किया है। इस उपन्यास के मुख्य किरदार को वास्तविक जीवन में उपेक्षित व्यक्ति को मद्देनजर रखकर…

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  • ज़िन्दगी मुश्किल तो है
    कविताएँ

    ज़िन्दगी मुश्किल तो है

    ByAdmin September 22, 2024September 22, 2024

    ज़िन्दगी मुश्किल तो है ज़िन्दगी, मुश्किल तो है ।पर मुश्किल का ,कोई हल भी तो है ।सफ़र है बहुत लम्बा,पर कहीं मंज़िल तो है ।विघ्नों से ना डरा कर,बेख़ौफ़ सामना कर ।कर लेगा पार नौका,ना छोड़ना तू मौका ।हर मुश्किल दूर होगी,फिर सुख की सुबह होगी ।हां ज़िन्दगी कठिन है,पर ऐसा थोड़े दिन है ।यह…

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  • कविता का सच | Kavita ka Sach
    कविताएँ

    कविता का सच | Kavita ka Sach

    ByAdmin September 21, 2024September 21, 2024

    कविता का सच ( Kavita ka Sach ) सुनो, कविता काएक सच सुनोजब सारे चौकन्नेझूठ सोते है,तब शर्मीली-सीसच्चाइयाँ कवितामेंअंकुरित होजागती है।जब हमारी मिली-जुलीइच्छाएँ हारनेलगती हैतो वे हुनर कीशरण ले लेती हैं।तुम्हारी स्मृतियाँमुँह लटकायेघर की दरों-दीवारपर आ बैठती है।वहाँ उसेदेहरहित उपस्थिति केस्वादिष्टदिलासे नही पसन्दजहाँ शाखाओं कीजड़े पेड़ के भीतरफूटती हैवहाँ प्रेम कीशाखाएँस्मृतियों के भीतरजा फूटती है।मिठास…

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  • Sarsi Chhand
    छंद

    सरसी छंद : गीत

    ByAdmin September 21, 2024September 21, 2024

    सरसी छंद ( Sarsi Chhand ) करते हो किन बातों पर तुम , अब इतना अभिमान ।आज धरा को बना रहा है , मानव ही शमशान ।।करते हो किन बातों पर तुम … भूल गये सब धर्म कर्म को , भूले सेवा भाव ।नगर सभी आगे हैं दिखते , दिखते पीछे गाँव ।।मानवता रोती है…

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  • निर्वेर भाई
    आलेख

    ब्रह्माकुमारीज महासचिव निर्वेर भाई का अंतिम संस्कार संपन्न

    ByAdmin September 21, 2024September 21, 2024

    यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे ब्रह्माकुमारीज महासचिव बीके निर्वेर भाई से कई बार मिलने उनके साथ ज्ञान चर्चा करने का अवसर मिला। मैने उन्हें अपनी पुस्तक श्रीमद्भागवत गीता शिव परमात्मा उवाच भेंट की तो बहुत खुश हुए। वे चाहते थे कि मैं संस्था की प्रमुख रही राजयोगिनी प्रकाशमणि दादी को लेकर एक पुस्तक लिखूं,यह…

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  • आप की परछाईं | Aap ki Parchhai
    ग़ज़ल

    आप की परछाईं | Aap ki Parchhai

    ByAdmin September 21, 2024September 21, 2024

    आप की परछाईं ( Aap ki Parchhai ) आप की परछाईं जब खुद आपसे डर जायेगीहै यक़ीं के यह भी तोहमत मेरे ही सर जायेगी मैं चिराग़ -ए- ज़िन्दगी हूँ मत छुओ मेरा बदनमैं अगरचे बुझ गया तो रोशनी मर जायेगी मेरी तस्वीर – ए- वफ़ा मत टाँगिये दीवार परयह किसी की आँख में पैदा…

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  • मैं हूँ दीपक एक बदनाम सा
    कविताएँ

    डॉक्टर दीपक गोस्वामी की कविताएं | Dr. Deepak Goswami Poetry

    ByAdmin September 20, 2024June 18, 2025

    रानी लक्ष्मी नही थी कोई लोहे पत्थर से निर्मितनही थी राज भोग विलास तक सीमितनही थी कोई देव नाग कन्याथी सामान्य परिवार की सुकन्याजीवन कर्म अग्नि पथ की धन्याजीती थी अपने जुनून सेसीने से बांध लाल को रंगी खून सेजिद थी जीते जी ना हरगिज हारूँगीचांहे कुछ भी हो पर पर आजादी के सपनों को…

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