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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • बारिश | Baarish
    कहानियां

    बारिश | Baarish

    ByAdmin July 5, 2024

    मुझे याद है वो बारिश का पानी और उसके साथ की कहानी उस दिन सुबह से ही बादल गड़गड़ा रहे थे। हम सब कल्लू चाचा के घर भागवत भंडारे मे जाने को तैयार हो रहे थे। सबने नये कपड़े पहने थे मगर मैने पुरानी कमीज ही पहन रखी थी क्योंकी कल मुझे मेरे दोस्त के…

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  • व्रीड़ा
    कविताएँ

    व्रीड़ा | Kavita Vrida

    ByAdmin July 5, 2024

    व्रीड़ा (  Vrida ) खोया स्वत्व दिवा ने अपना, अंतरतम पीड़ा जागी l घूँघट नैन समाए तब ही, धड़कन में व्रीड़ा जागी ll अधर कपोल अबीर भरे से, सस्मित हास लुटाती सी, सतरंगी सी चूनर ओढ़े, द्वन्द विरोध मिटाती सी, थाम हाथ साजन के कर में सकुचाती अलबेली सी, ठिठक सिहर जब पाँव बढ़ा तो,…

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  • जीवन की सार्थकता | क्या हम सार्थक जीवन जी रहे हैं?
    निबंध

    जीवन की सार्थकता | क्या हम सार्थक जीवन जी रहे हैं?

    ByAdmin July 4, 2024

    जीवन की सार्थकता प्रस्तावना: जीवन की सार्थकता एक ऐसा विषय है जो मानव सभ्यता के इतिहास में अनंत काल से चर्चा का विषय रहा है। यह प्रश्न व्यक्तिगत, सामाजिक, और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखा जा सकता है। 1. व्यक्तिगत दृष्टिकोण: जीवन की सार्थकता प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है। यह उन लक्ष्यों, सपनों,…

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  • आज का काव्यानंद | डॉ० रामप्रकाश ‘पथिक’
    कविताएँ

    आज का काव्यानंद | डॉ० रामप्रकाश ‘पथिक’

    ByAdmin July 4, 2024July 19, 2025

    जल का बल बढ़ा हुआ है आजकल, नालों का अभिमान।सब पथिकों के मार्ग में, बने हुए व्यवधान।। नदियाँ पोखर ताल सब, बने कष्ट के हेतु।जल के बल ने कर दिए, व्यर्थ बहुत से सेतु।। भारी बम-बौछार समांत— आरपदांत—- बचाओ इस दुनिया कोमात्राभार- २४छंद — रोला भारी बम-बौछार, बचाओ इस दुनिया को।मचता हाहाकार, बचाओ इस दुनिया…

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  • चल चित्र | Kavita Chal Chitra
    कविताएँ

    चल चित्र | Kavita Chal Chitra

    ByAdmin July 4, 2024

    चल चित्र ( Chal Chitra ) चल चित्र का आज कल क्या हाल हो रहा है। देखो अब दर्शको का टोटा सा पड़ रहा है। एक जमाना था चलचित्रों का जो देखते ही बनता था। पर अब हाल बहुत बुरा है देखों चल चित्रों का।। लड़ते मरते थे दर्शक देखने को पहला शो। हालत ये…

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  • इनकी उनकी बात | हंसगति छन्द
    गीत

    इनकी उनकी बात | हंसगति छन्द

    ByAdmin July 4, 2024

    इनकी उनकी बात इनकी उनकी बात , आज क्यों करना । अपने मन के घाव , स्वयं है भरना ।। इनकी उनकी बात … हम सब में है प्यार , और क्या लेना । इन्हें बताओ आप , आज सच है ना ।। जीवन है अनमोल , मानता गहना । खुशी मिलेगी आप , खोजते…

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  • मातृभूमि भ्रमण 2024 | Matrubhoomi Bhraman 2024
    यात्रा बृतान्त

    मातृभूमि भ्रमण 2024 | Matrubhoomi Bhraman 2024

    ByAdmin July 4, 2024July 10, 2024

    भाग 1 दिनांक 4 जून को कालका एक्सप्रेस से बाड़मेर से रवाना होकर रात बटिंडा रात 12 ,30 पर पहुंचे वहां एक एक शानदार होटल में विश्राम किया तथा दूसरे दिन प्रात:टेक्सी से सीधा अटारी भारत सीमा पर पहुंचे । वहां पोलिस एमिग्रेशन एंव कस्टम के बाद पाक सीमा में बागा चौकी पहुंचे वहां सारी…

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  • Barkha Rani Barkha Rani
    गीत

    बरखा रानी बरखा रानी | Barkha Rani Barkha Rani

    ByAdmin July 4, 2024July 4, 2024

    बरखा रानी बरखा रानी ( Barkha Rani Barkha Rani ) बरखा रानी बरखा रानी, जमके बरसो बरखा रानी। रिमझिम रिमझिम छड़ी लगा, खूब बरसाओं पानी। बरखा रानी बरखा रानी घुमड़ घुमड़ नभ में छा जाओ, काली घटाएं लहराओ। मोर पपीहे मधुबन झूमें, आसमान में तुम घिर आओ। खेतों खलिहानों में बरसो, कूप तालाब भर जाए…

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  • हादसे | Kavita Hadse
    कविताएँ

    हादसे | Kavita Hadse

    ByAdmin July 4, 2024July 4, 2024

    हादसे ( Hadse ) आस्था या अंधविश्वास भक्ति या भीड़ बदहवास भगदड़ में छूटते अपनों के हाथ कदमों से कुचलता हर सांस माथा टेकने का तृष्ण कौन भगवान कौन भक्त मेहरानगढ़ यां हाथरस भयभीत बच्चों के शव असीमित चीखें अस्त व्यस्त ह्रदय विदारक दृश्य अनेकों दीपक हुए अस्त कैसी विडम्बना है ये वत्स रुकता नहीं…

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  • Hindi Meri Shaan
    कविताएँ

    मैं हिन्दी भाषा हूं | Main Hindi Bhasha Hoon

    ByAdmin July 4, 2024July 4, 2024

    मैं हिन्दी भाषा हूं ( Main Hindi Bhasha Hoon ) मैं हिन्दी भाषा हूं,राष्ट्र कीआशा हूं। मैं हिन्दुस्तान की पिपासा हूं। मुझसे ही है हिन्दुस्तान की आन-बान -शान । मुझसे ही है किताबों की जान में जान। मैं कवियों की कविता का श्रृंगार हूं। मैं लेखकों की लेख की नैया पार हूं। मैं गायकों के…

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