• मन | Kavita Man

    मन ( Man )   मत पूछो ये चंचल मन , भला कहां कहां तक जाएं कभी पुरानी यादों में झांके, कभी कही यूहीं खो जाएं ।। कभी अकेला ही मस्त रहें, कभी ये तन्हां महसूस करें कभी ढूंढे किसी का साथ कभी अलग थलग हो जाएं।। मत पूछो इस मन की तुम ये क्या…

  • जानते हैं | Ghazal Jante Hain

    जानते हैं ( Jante Hain ) वो रहते कहाँ हैं पता जानते हैं । कि उनकी सभी हम अदा जानते हैं ।।१ लगा जो अभी रोग दिल को हमारे ।। न मिलती है इसकी दवा जानते हैं ।।२ मनाएं उन्हें हम भला आज कैसे । जिन्हें आज अपना खुदा जानते हैं ।।३ मिटेगा नहीं ये…

  • है इबादत मुहब्बत | Hai Ibadat Muhabbat

    है इबादत मुहब्बत ( Hai Ibadat Muhabbat ) है इबादत मुहब्बत, मुहब्बत करें शहर में क्यों किसी से अदावत करें मुल्क पर राज करना अलग बात है हो सके तो दिलों पर हुकूमत करें आँच आने न देंगें वतन पर कभी मिल के हम नेकियों की हिदायत करें दोस्तों से कहो आज फिर मुल्क के…

  • जय तुलसी मैय्या | Kavita Tulsi Maiya

    जय तुलसी मैय्या ( Jay Tulsi Maiya )   बड़ा ही सुन्दर बड़ा ही पावन है यह त्योंहार, माॅं लक्ष्मी धरा पधारी लेकर तुलसी अवतार। कार्तिक शुक्ल‌-पक्ष एकादशी दिन शानदार, आशीष भक्तों पर बरसता इसरोज भरमार।। मंगल कार्यों का इस-रोज से होता शुरुआत, तुलसी-द्वार सालिगराम पधारे लेकर बारात। भक्ति की पावन प्रथा नाचते गाते सारी…

  • धेनु की करुण पुकार

    धेनु की करुण पुकार मैं धेनु अभागन तड़प रही कोई तो मेरी रक्षा कर मैं घूम रही मारे-मारे अब तो अनुग्रह की वर्षा कर मुझे पेट की कोई पड़ी नहीं बस प्राण हमारा तुम बख्शो मेरी मजबूरी को जान स्वयं मानव मेरी तुम लाज रखो मुझे त्रेता द्वापर में पूजा माँ की गरिमा पाई थी…

  • पाती पढ़ी जो प्रेम की

    पाती पढ़ी जो प्रेम की   हिरनी सी कुलांचे भरती बल्लियो मै उछलती पाती पढ़ी जो प्रेम की । दिन महीने सा लगे पाती के इंतजार में दिखती द्वारे पर खड़े पाती के इंतजार में हाथ में पाती जो आती अँखियां पहले मुस्कुराती पाती पढ़ी जो प्रेम की । दबे पाँव सम्हल चलती पाती पढ़ने…

  • प्रीत बनी अहिल्या | Preet Bani Ahilya

    प्रीत बनी अहिल्या ( Preet Bani Ahilya )   अगर दिल गोकुल है मेरा ,तो धड़कन बरसाना है। दिल है यहां धड़कन है वहां ,फिर भी एक तराना है। ‌ सांसों की लहरों में हलचल ,होती तेरे आने से। जग की सीमांतों को लांघ के ,प्रेम नगर बसाना है।। अगर दिल गोकुल है मेरा, तो…

  • ई वी एम का बटन दबाना है

    ई वी एम का बटन दबाना है   चलो पड़ोसी आज सुबह,हमें ईवीएम बटन दबाना है। जनता का विश्वास जीत,अब नई सरकार बनाना है। बेरोजगारी को जड़ से मिटा,भारत  संपन्न बनाना है। बेटा बेटी दादा दादी मम्मी पापा संग जाना है। अपना अधिकार जान कर,अब ईवीएम बटन दबाना है। अपने मर्जी के हैं मालिक, अपनी…

  • कभी तुम भी | Kavita Kabhi Tum Bhi

    कभी तुम भी ( Kabhi Tum Bhi )   तौल तो लेते हो हर किसी को देखकर कभी खुद को भी तौल लिया करो बोल तो देते हो जो आये जबान पर कभी खुद के लिए भी बोल लिया करो उसके बनाई का श्रम मालूम है उसे उस जैसी मेहनत खुद भी कर लिया करो…

  • राम काज करिबै को आतुर

    जिस प्रकार से हनुमान जी महाराज को राम काज अर्थात अपने मालिक द्वारा निर्देशित कार्यों की आतुरता थी , वह धीरे-धीरे खत्म सी होने लगी है। वर्तमान समय में अक्सर देखा जा रहा है कि लोग अपने मालिकों से धोखेबाजी करने लगे हैं । उनमें वह कार्य करने के प्रति उत्साह नहीं दिखलाई देता है…