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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Acharya Shri Mahashraman Ji
    कविताएँ

    आचार्य श्री महाश्रमण जी | Acharya Shri Mahashraman Ji

    ByAdmin May 8, 2024May 9, 2024

    आचार्य श्री महाश्रमण जी ( Acharya Shri Mahashraman Ji ) गण के है आप जयोतिर्धाम । अभिनव चिन्तन गहरा मंथन । प्राप्त हुए हमको ग्याहरवें गण सरताज । नेमा प्यारे झूमर नन्दन, है गण के देदिप्यमान सितारे। झूमरकुल उजियारे , है गण के दुलारे । मनमोहक है आकर्षण , लाखों – लाखों के है तारे…

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  • व्यवहार | Hindi Poem Vyavahar
    कविताएँ

    व्यवहार | Hindi Poem Vyavahar

    ByAdmin May 8, 2024

    व्यवहार ( Vyavahar )   बातों से ही तो बढ़ेंगी अपनी बातें हाथों से हि हाथ मिलेंगे तब हमारे तन्हा कटता नहीं सफ़र जिंदगी का रास्ते हि तो बनते हैं रास्तों के सहारे दोस्त न मिले तो दुश्मनों से मिलो, रंजिशें भूलके उनके ही गले मिलो, गर तुम्हें कोई हमदर्द ना मिल सके, तो तुम्हीं…

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  • एम.एस.ख़ान की कविताएं | M.S. Khan Hindi Poetry
    कविताएँ

    एम.एस.ख़ान की कविताएं | M.S. Khan Hindi Poetry

    ByAdmin May 7, 2024August 10, 2025

    भाई बहिन है रक्षा के बंधन रक्षाबंधन जीवन में खुशियाँ लाया,बहिन ने ये बंधन फिर याद दिलाया।बचपन की मीठी वो यादें ताज़ा बातें,संग हँसी और प्यारी बातें हुई सौगातें।धागों में लिपटी सिर्फ़ दुआ नहीं होती,आँखों को नम करती छाया भी होती।भाई का सिर भी गर्व से ऊंचा होता,भाईबहिन का दिल मन सच्चा होता।बहिन की लंबी…

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  • 5 June World Environment Day Poem in Hindi
    कविताएँ

    पर्यावरण दिवस | Hindi Poem on World Environment Day

    ByAdmin May 7, 2024May 7, 2024

    पर्यावरण दिवस   पेड़-पौधे काटकर बैनर,पोस्टर बना रहे है, संदेशो में जागरूकता अभियान चला रहे है । विलासिता पूर्ण जीवन जीने की चाहत में, हम प्राकृतिक सम्पदा को नित मिटा रहे है। अपने ही हाथो से घोंटकर गला दरख्तों का, मशीनीकरण के आदी हो जीवन बिता रहे है। किसे परवाह क्या होगा आने वाली पीढ़ी का,…

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  • Kavita vishwas
    कविताएँ

    पुल- विश्वास का

    ByAdmin May 7, 2024May 7, 2024

    पुल- विश्वास का   पहले हमारे बीच बहुत गहरा रिश्ता था प्रेम की नदी पे बने विश्वास के पुल की तरह उस पुल से हम देखा करते थे कभी इन्द्र धनुष के रंग कभी ढलती शाम कभी दूर आलिंगन करते पंछियों को उड़ते बादलों को उसी पुल पे खड़े सुना करते थे मधुर लहरों का…

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  • Kahani Sabjiwala aur Neta
    कहानियां

    सब्ज़ीवाला और नेता | Kahani Sabjiwala aur Neta

    ByAdmin May 7, 2024

    हमारी कालोनी की दो औरतें मिसेज़ शर्मा और मिसेज़ वर्मा गली में खड़ी होकर बातें कर रही थीं । “…और मिसेज़ शर्मा जी अबकी बार चुनावों में किसे वोट दे रही है ?”- मिसेज़ वर्मा ने पूछा । “हम तो अबकी बार भी लल्लु लाल जी को ही वोट देंगे ।”- मिसेज़ शर्मा ने उत्तर…

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  • Ghazal Zindagi Badrang Hai
    ग़ज़ल

    ज़िंदगी बदरंग है | Ghazal Zindagi Badrang Hai

    ByAdmin May 7, 2024

    ज़िंदगी बदरंग है ( Zindagi Badrang Hai )   नफ़रतों से प्यार की अब जंग है हर ख़ुशी से ज़िंदगी बदरंग है अंजुमन में कुछ हुआ ऐसा यहाँ देखके ही रह गया दिल दंग है ख़ाक कर दे दुश्मनों को ए ख़ुदा कर रहा जो मुफलिसों को तंग है अंजुमन में कर रहा वो फ़ासिला…

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  • अधिकारी 
    व्यंग्य

    अधिकारी | व्यंग्य रचना

    ByAdmin May 7, 2024

    अधिकारी  ( Adhikari )    अधिकारी देश की ला-इलाज बीमारी! काम नहीं कौड़ी का पगार चाहिए ढेर सारी! मिली-भगत से इनके ही भ्रष्टाचार है जारी! हर तरफ यही नज़ारा है कोई भी हो विभाग सरकारी! छोड़ दे, छोड़ दे धन की लालच छोड़ दे! छोड़ दे, छोड़ दे खोटे धंधे छोड़ दे! वर्ना,जेल जाने की…

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  • मुस्तकिल अंधेरा | Mustaqil Andhera
    शेरो-शायरी

    मुस्तकिल अंधेरा | Mustaqil Andhera

    ByAdmin May 7, 2024

    मुस्तकिल अंधेरा ( Mustaqil Andhera ) धीरे-धीरे अंधेरा गहराता जा रहा है, हर शय को यह धुंधलाता जा रहा है, दुनिया की हर रंगत स्याह हो रही है, ये काजल आँखों में समाता जा रहा है, बाहर का अंधेरा अंतर्मन पे भी छा रहा है, जीने की हरआरज़ू को यह अब खा रहा है, सोचता…

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  • Self-confidence
    कविताएँ

    आत्मविश्वास | Kavita Atmavishwas

    ByAdmin May 7, 2024May 7, 2024

    आत्मविश्वास ( Atmavishwas )   आत्म विश्वास है जीवन के संघर्षों को हराकर जीतने का संकल्प। आत्मा की अनन्य शक्ति, आत्मा को शिखर तक पहुंचाने का प्रकल्प।। जीवन की हर बाधा, प्रतिबाधा में घोर निराशा से उबरने का विकल्प ।। आच्छादित अंधेरे में, घोर ना उम्मीदी मे प्रकाश की किरण का प्रकल्प।। उम्मीद की रोशनी,…

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