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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita Bura na Mano Holi Hai
    कविताएँ

    बुरा ना मानो होली है | Kavita Bura na Mano Holi Hai

    ByAdmin March 26, 2024March 12, 2025

    बुरा ना मानो होली है ( Bura na Mano Holi Hai ) बुरा न मानो होली है हुड़दंगियों की बोली है बुरा न मानो होली है सबसे पहले बच्चे निकले पिचकारी से रंग निकले एक दूजे पर रंग मल दे हंसते हंसते जंग कर दे बाँहे सबने खोली है । बुरा न मानो होली है…

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  • Kavita Holi ka Rang
    कविताएँ

    होली का रंग | Kavita Holi ka Rang

    ByAdmin March 26, 2024

    होली का रंग ( Holi ka Rang ) भर पिचकारी उड़ा गुलाल रंगा रंग बना होली, प्रेम में सब उमड़े खिले मुखड़े ऐसी बना होली । त्वचा का भी ध्यान रख, कुदरत का भी मान रख, गुलाल लगा कर जश्न कर फिर सबका सम्मान रख । घर गली मोहल्ला सब, रंगो की बरसात कर, बुढी़…

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  • Laghu Katha Mutthi Bhar Gulal
    कहानियां

    मुट्ठी भर गुलाल | Laghu Katha Mutthi Bhar Gulal

    ByAdmin March 25, 2024March 26, 2024

    “आओ सोमेश्वर आओ, आज होली का दिन है। जब तक जिंदगी है तब तक तो मालिक और मजदूर चलता ही रहेगा। लेकिन बैठो, मालपुए और दहीबड़े खाकर अपने घर जाना।” परमेश्वर ठाकुर ने सोमेश्वर को प्यार से बुलाते हुए कहा। “हांँ मालिक, क्यों नहीं,जरूर खाकर ही जाएंगे।” वह कुछ दूर बैठते हुए कहा। “दूर बैठने…

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  • In Ankhiyon ko
    कविताएँ

    इन अँखियों को समझाओ तो | In Ankhiyon ko

    ByAdmin March 25, 2024

    इन अँखियों को समझाओ तो   किसे नहीं खेलें होली बताओ तो पुछती है कोयल बताने आओ तो सभी आये लेकिन वो नहीं आए इन अँखियों को भी समझाओ तो। इंतजार के दिन दिखाए बहुत तुम नहीं चाहिए था, सताए बहुत तुम कैसे करें तारीफ झूठे हम बोलो कहाँ कहकर अपनाए बहुत तुम। जैसे तैसे…

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  • Holi Ke Rang
    कविताएँ

    होली के रंग अपनों के संग | Holi Ke Rang

    ByAdmin March 25, 2024

    होली के रंग अपनों के संग ( Holi Ke Rang Apno ke Sang )   प्रीत पथ अप्रतिम श्रृंगारित, नयनन खोज निज संबंध । उर सिंधु अपनत्व प्रवाह, पुलकित गर्वित जीवन स्कंध । उत्सविक आह्लाद चरम बिंदु, मंगल कामना परिवेश उत्संग । होली के रंग, अपनों के संग ।। चरण वंदन आशीष वृष्टि, सम वय…

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  • Kavita Holi ki Halchal
    कविताएँ

    होली की हलचल | Kavita Holi ki Halchal

    ByAdmin March 25, 2024March 25, 2024

    होली की हलचल ( Holi ki Halchal )   रंग -रंगीली होली आई रंगों की बौछार लाई उमंग की उफान उठाई उल्लास दिल में उगाई मजीर मन में बजाई बढ़उ देवर को बनाई रंगों की फुहार में भींगी है राधा कान्हां संग टेसू की बौछार में बौराया है बरसाना सारा डफ-मजीरे की थाप पर डूबा…

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  • Dastan-e-Dil
    शेरो-शायरी

    दास्तान ए दिल | Dastan-e-Dil

    ByAdmin March 25, 2024

    दास्तान ए दिल ( Dastan-e-Dil )   चले जाओगे इक रोज दूर मुझसे चले जायेंगे दूर हम भि तुझसे फ़क्र है तब भी मुझे तुझ पर यादों में हम जरूर आयेंगे निभा लो आज जैसा भि चाहो करें क्या शिकवा गिला तुमसे भले सिवा दिल के हमारे न हुए इक रोज हम भी रूह में…

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  • indian mother with daughter
    शेरो-शायरी

    नन्हीं लाडली | Nanhi Ladli

    ByAdmin March 24, 2024

    नन्हीं लाडली ( Nanhi Ladli ) अम्मा की लाडली…अब्बा की प्यारी थी मैं, थोड़ी नटखट सी…थोड़ी गुस्से वाली थी मैं, मेरे अपनों के दिलों पे बस मेरा ही राज़ था, उनके होंठों पर मुस्कान बनके खिली थी मैं, न जाने कितनी ही हसरतें पलकों पे सजे थे, जब अब्बा की दहलीज़ छोड़के चली थी मैं,…

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  • Kavita Rag Rang Anupama
    कविताएँ

    राग रंग अनुपमा | Kavita Rag Rang Anupama

    ByAdmin March 24, 2024March 24, 2024

    राग रंग अनुपमा ( Rag Rang Anupama )   राग रंग अनुपमा, होली के पावन पर्व पर लोक आभा मोहक सोहक, सर्वत्र आनंद अठखेलियां । प्रेम बसंती चरम बिंदु, सुलझन गुत्थी पहेलियां । जननी जन्म धरा आह्लाद, लौटते कदमों पर गर्व कर । राग रंग अनुपमा, होली के पावन पर्व पर ।। अंतर्संबंध नेह अभिव्यंजना…

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  • होली की चकई
    विवेचना

    चकई की वापसी | ललित

    ByAdmin March 24, 2024March 24, 2024

    होली अंक के लिए रचनाएं मंगा कर जगह नहीं देना भी एक होली है। किसी के लिए उत्साह की होली तो किसी के लिए धुआं- धुआं कर जलने की होली। चिंता नहीं बस फिक्र कीजिए ना जनाब, चिंता कीजिएगा तो सूख कर लकड़ी हो जाइएगा, कोई काम नहीं आएगा।क्योंकि यहांँ मुँह देख कर गुलाल लगाया…

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