• आ जाइए जनाब | Aa Jaiye Janab

    आ जाइए जनाब ( Aa Jaiye Janab )   होली उमड़ रही अभी आजाइए जनाब। व्यंजन बड़े लज़ीज़ हैं खा जाइएजनाब। सबपे चढ़ा हुआ यहां है इश्क रंग खास, तो देर किसलिए भला छा जाइए जनाब। छोड़ो शिकायतें सभी खुशियां अभी बटोर, दौलत बड़ी ये काम की पा जाइए जनाब। लेकर अबीर हाथ में दिल…

  • ताबूत | Kavita Taaboot

    ताबूत ( Taaboot )   गुजर जाती हैं बातें भी, गुजरे हुए दिन की तरह छोड़ जाती हैं दर्द भी चुभती कील की तरह रख लो दिल में भले, किसी को जितना चाहो रहोगे बातों में मगर तुम, किसी गैर की तरह रहो लुटाते जान अपनी, ये जान तो तुम्हारी है झटक देंगे आन पर…

  • अम्मा याद आईं | Kavita Amma Yaad Aayi

    अम्मा याद आईं ( Amma yaad Aayi )   अबकी होली में ‌ न जाने क्यों अम्मा याद आईं, मेरे पास कोई ऐसा भी नंबर होता, जो उससे भी बात हो पाती , उस देश का पता होता, जहां वो चली गई है, तो जरूर उसे, एक चिट्ठी लिखता, उसे लिखता कि, तेरे बिन यह…

  • जल है तो कल है | Kavita Jal Hai to Kal Hai

    जल है तो कल है ( Jal Hai to Kal Hai )   सृष्टि पंच तत्व प्रभा, जल अद्भुत अनमोल । जीवन आयुष श्रेष्ठ पद, पग पग दिव्य तोल । अमृत तुल्य नीर संग , जीवंत हर पल है । जल है तो कल है ।। पेयजल दुरूपयोग व्यर्थता, सर्वदा अक्षम्य पाप । अवांछित कृत्य…

  • होली का गुलाल | Kavita Holi ka Gulal

    होली का गुलाल ( Holi ka Gulal )   होली का गुलाल कहें, ये रंगो की बौछार कहें मन में प्यार का संचार होना चाहिए।। मिले सब होली में, घर आए बैठे यार सात्विक भोजन से ही सत्कार होना चाइए ! रिफाइंड से तो बने लाख पकवान सेहत का भी सबको ख्याल होना चाहिए।। होली…

  • जल दिवस | Geet Jal Divas

    जल दिवस ( Jal Divas ) जल ही जीवन जानते हो फिर भी तुम ना मानते हो व्यर्थ बहने देते हो जल व्यर्थ बहने देते हो कपड़े बर्तन धोते समय नल नहीं बंद करते हो हाथ मुंह धोते समय नल नहीं बंद करते हो सब्जियां फल धोके पानी पेड़ों में नहीं डालते हो व्यर्थ बहने…

  • होली प्रेम | Holi Prem

    होली प्रेम ( Holi Prem )   महक उठा फिर से टेशू, फूलों से अपने प्रिय लाल ! फागुन में उड़ने लगा फिर प्रेम से बने रंग का गुलाल ।। जब पिचकारी मोहे पिया ने मारी रंग डारी मोहे सभी रंगों से सारी, रगड़ रगड़ मोहे ऐसे रंग लगाया निकल गई थकन,सारी बीमारी ।। मचाया…

  • कलम | Kalam

    कलम ( Kalam ) हाँ, मैं कलम हूँ रहती हूँ मैं उंगलियों के मध्य लिख देती हूं कोरे कागज पर जो है मेरी मंजिल पर खींच देती हूँ मैं टेढ़ी-मेढ़ी लाइनों से मानव का मुकद्दर छू लेता है आसमां कोई या फिर जमीं पर रह जाता है या किसी की कहानी या इबारत लिख देती…

  • होली गीत | Holi Geet

    होली गीत ( Holi Geet )   सुनों राधा होली में करना न कृष्ण से सवाल, सुनों राधा होली में। लहंगा जरा तू संभाल, सुनों राधा होली में। उसकी सुरतिया पे जान मेरा अटका, नन्द -यशोदा का नटखट वो लड़का। सीधी नहीं उसकी है चाल, सुनों राधा होली में। लहंगा जरा तू संभाल, सुनों राधा…

  • आया होली का त्योहार | Aaya Holi ka Tyohar

    आया होली का त्योहार ( Aaya Holi ka Tyohar )   आया होली का त्योहार, पानी की बौछार, रंग बिरंगी दुनिया में रंगहीन ना हो त्योहार। ना करें पानी की बरबादी ना हो प्रकृति को नुक्सान, ना मज़हब का हो चश्मा एक दूजे का हो सम्मान। राजनीति रंग में ना रंगे औरों को भी ना…