• अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस | International Women’s Day

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर समस्त नारी शक्ति को नमन करते हुए मेरे भाव – आसमाँ को मुट्ठी में क़ैद करने की ख़्वाहिश, अपनी पहचान तलाशने, अपनी पहचान क़ायम करने का अरमान, रिश्ते-नाते,घर-आँगन को सहेजने का ज़िम्मा। रस्मों-रिवाजों को निभाने की हर कोशिश ,हर ज़िम्मेदारी आज एक माँ, संगिनी, बेटी, बहु,पत्नी,जननी आदि बन कर नारी बख़ूबी…

  • अनुभूति | Anubhooti

    अनुभूति ( Anubhooti )   निशा थी नीरव था आकाश नयन कब से अलसाये थे। जान कर सोता हुआ मुझे चले सपनों में आये थे। हुई जो कुछ भी तुमसे बात, उसे कब जान सकी थी रात, गया था सारी सुधबुध भूल हृदय को इतना भाये थे। रहे थे जो अनगाये गीत तुम्हें अर्पित कर…

  • बचपन की बातें : कुछ सुनहरी यादें

    बचपन की बातें ( Bachpan ki baatein )   काग़ज़ की नाव बना फिर से तैराए, बारिश के पानी में छबकियां लगाए। दरवाजे के पीछे छुपकर सबको डराए, चलो फिर से एक बार बच्चे बन जाए। पापा की कमीज पहन कर हाथ छुपाए, इस कला को हम लोगों को जादू बताएं। खुद भी हँसे सभी…

  • शाम के बाद | Shaam ke Baad

    शाम के बाद ( Shaam ke Baad )   हर शाम के बाद फकत अंधेरा ही नहीं होता पूनम का उजाला और प्रभात का भोर भी होता है आप बस सफर तय करते रहिए ठहर जाने पर दूरी तय नहीं होती भटक कर भी राह मिल ही जाती है लोग मिल ही जाते हैं मुकाम…

  • श्री रामवतार जी | Shri Ramvatar Ji

    श्री रामवतार जी ( Shri Ramvatar Ji )   श्री रामवतार जी,प्रेरणा पुंज आदर्श शिक्षक पर्याय ************* स्नेहिल व्यक्तित्व प्रेरक कृतित्व , शोभना शिक्षा विभाग राजस्थान । परम शिक्षक पद सेवा स्तुति, सरित प्रवाह स्काउटिंग प्रज्ञान । कर्तव्य निष्ठ अनूप नैतिक छवि, शिक्षण अधिगम नव अध्याय । श्री रामवतार जी,प्रेरणा पुंज आदर्श शिक्षक पर्याय ।।…

  • शिव शंकर प्यारे | Shiv Shankar Pyare

    शिव शंकर प्यारे ( Shiv Shankar Pyare )   शिव शंकर प्यारे ओ भोले डमरू की डम डम ओ चिमटा बाज रहा छम छम निश दिन तुझे पुकारे शिव ओ शंभू प्यारे जटा से बहे भगीरथी धारा औघड़ दानी शंकर प्यारा भोले शंकर सबके सहारे हर लो बाबा कष्ट हमारे ओ शंभू प्यारे शिव शंभू…

  • मुस्कान | Muskan

    मुस्कान ( Muskan ) बहुत ही खास है, हमारी मुस्कान चेहरे की चमक है ,हमारी मुस्कान, कीमती श्रृंगार है ,हमारी मुस्कान, कुदरती खूबसूरत है ,हमारी मुस्कान, रिश्तों को बांधे रखने की डोर है ,हमारी मुस्कान, खुशियों में कई गुना बढ़ जाती है,हमारी मुस्कान, गम छुपाने में कलाकार है , हमारी मुस्कान, दर्द बांटने में माहिर…

  • समझदारी | Samajhdari

    समझदारी ( Samajhdari )   यह संभव ही नहीं कि लोग मिले आपसे पहले की तरह ही उनका काम निकल जाने के बाद भी रहे नहीं संबंध अब पहले जैसे आपकी अपेक्षाएं और विश्वास ही कष्ट अधिक देते हैं उम्मीदों का दौर अब खत्म हुआ अपने पैरों को मजबूत आप ही बनाए रखें भरोसा दिलाते…

  • सब को अपना नहीं कहा जाता | Sab ko Apna Nahi Kaha Jata

    सब को अपना नहीं कहा जाता ( Sab ko Apna Nahi Kaha Jata )   सब को अपना नहीं कहा जाता हद से आगे नहीं बढ़ा जाता मंज़िलें दूर जा निकलती हैं रास्तों में रुका नहीं जाता घटते बढ़ते हुए यह साये हैं इन का पीछा नहीं किया जाता रास्ते ख़ुद बनाये जाते हैं सब…

  • उदास हुआ | Udaas Hua

    उदास हुआ ( Udaas Hua )   जब तेरे प्यार से उदास हुआ लग के दीवार से उदास हुआ इससे पहले तो ठीक ठाक था मैं बार इतवार से उदास हुआ बेवफाओं का ख़ैर क्या शिकवा इक वफादार से उदास हुआ कोई उसको हंसा नहीं सकता शख्स जो यार से उदास हुआ किसको भाई नही…